हाल ही में हीराकुंड और झेलम एक्सप्रेस में 20 से भी ज्यादा यात्रियों का सामान चोरी होने का मामला सामने आया है। सभी चोरियां कुल दस लाख से भी अधिक की बताई जा रही हैं। इनमें तीन मामले मथुरा जीआरपी में दर्ज हैं, जबकि बाकी अंबाला में। चोरी की वारदातों से ट्रेनों में सुरक्षा की पोल खुल गई है।
बता दें कि ट्रेनों में चोरी की यह घटनाएं 13 अक्तूबर की देर रात की बताई जा रही हैं। अमृतसर से विशाखापटनम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस में चोरी की यह घटनाएं दिल्ली से मथुरा के बीच हुई। एसी कोच के बी-1 में 33 नंबर सीट पर सफर कर रहीं मंजूदेवी के लैपटॉप और हजारों की कीमत के जेवरात चोरी हो गए।
मंजू देवी ने लैपटॉप और जेवरात बैग में रख रखे थे जिसे चोर ले गए। वहीं ए-1 में 47 नंबर सीट के यात्री आई वशिष्ठ का लैपटॉप चोरी हो गया। जालंधर से बी-1 कोच में 47 सीट के यात्री पलक का लैपटॉप और बैग चोरी हो गया। इन सभी घटनाओं की रिपोर्ट मथुरा जीआरपी में दर्ज करा दी गई हैं।
झेलम में हुई ये चोरी
झेलम एक्सप्रेस को भी चोरों ने निशाना बनाया। पुणे से जम्मूतवी जा रही झेलम एक्सप्रेस के एस-1 कोच में सुनीता मलिक निवासी लुधियाना का लैपटॉप और जेवरात, ए-2 कोच से यात्री अनिल रैना निवासी दोमाना का लैपटॉप, ए-2 कोच से अखिलेश कुमार शर्मा निवासी ग्वालियर के पांच लाख के जेवरात और डेढ़ लाख नकदी चोरी हो गए।
साथ ही पुणे महाराष्ट्र की नमृता प्रियदर्शिनी के एक लाख का कैश और ज्वैलरी तथा पुणे महाराष्ट्र के हरीकृष्ण सहित आधा दर्जन अन्य लोगों के लैपटॉप, जेवरात व बैग चोरी हो गए। इन घटनाओं की रिपोर्ट अंबाला में दर्ज कराई गई है।