मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में चूक पर एक इंस्पेक्टर और दो दरोगा सस्पेंड किए जा चुके हैं। अभी कई और पर गाज गिर सकती है। एसपी क्राइम और एसपी पूर्वी जांच कर रहे हैं। इस बीच यह बात सामने आई है कि सुरक्षा में चूक की वजह अधूरी तैयारियां रहीं। पुलिस ने इनररिंग रोड टोल प्लाजा और साइकिल ट्रैक पर सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए थे। इसी कारण धक्कामुक्की हुई।
टोल प्लाजा का कार्यक्रम दो बार बदला। पहले तय हुआ था कि सीएम का हेलीकाप्टर टोल प्लाजा के पास ही उतरेगा। यहीं पर सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। तय हुआ कि सीएम टोल प्लाजा पर नहीं जाएंगे। पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रभावशाली सपा नेता के दबाव में ऐन वक्त पर यह कार्यक्रम फिर से फाइनल कर दिया गया। व्यवस्था भी पुलिस-प्रशासन ने नहीं की। सब कुछ उसी पर छोड़ दिया। इसके चलते एक तो पूरी तैयारी नहीं हो पाई। दूसरा, पुलिस प्रशासन के अफसर सपा नेता के प्रभाव में आ गए। उसे मनमानी की छूट मिल गई। उसने ढोल नगाड़े और बग्घी का इंतजाम किया। अपने समर्थक भेज दिए।
सपा नेता के समर्थकों को रोकने की पुलिस हिम्मत नहीं दिखा पाई। दूसरी चूक यह रही कि यहां पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे। वे सीएम को रिसीव करने खेरिया एयरपोर्ट चले गए थे। उनकी फ्लीट के साथ ही आए। इसका नतीजा यह रहा कि पूरी व्यवस्था दरोगा और सिपाहियों के हाथ में रही। कोई उन्हें गाइड करने वाला नहीं था। उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी। जैसे ही सीएम गाड़ी से उतरे, लोग उनसे मिलने उनकी तरफ दौड़ लिए। अफरातफरी मच गई। पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई। वे लोग धक्कामुक्की करने लगे। सीएम के बेहद करीब पहुंच गए।
पुलिस ने बैरियर तक नहीं लगाए
आगरा। इनररिंग रोड टोल प्लाजा और साइकिल ट्रैक पर सीएम की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरियर तक नहीं लगाए। दोनों जगह भीड़ को रोकने के लिए रस्सी का इस्तेमाल किया गया। यह व्यवस्था फेल हो गई। बता दें, इस मामले में शासन भी अपने स्तर से जांच करा रहा है।
सीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले होंगे चिह्नित: कमिश्नर
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इंसपेक्टर सहित तीन सस्पेंड होने के बाद अब प्रशासन इस मामले में अपने लापरवाह अधिकारियों की चिह्नित करने में जुट गया है। इसके लिए कमिश्नर चंद्रकांत ने जिलाधिकारी गौरव दयाल को जांच के लिए निर्देशित कर दिया है।
बता दें कि 27 नवंबर को विकास कार्यों के लोकार्पण को आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इनर रिंग रोड पर तमाम लोगों ने घेर लिया था। भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। ऐसे में पुलिस के सामने लाठीचार्ज की नौबत आ गई थी। इस पर सीएम ने डीएम और एसएसपी को फटकार भी लगाई थी। मामला जब गरमाया तो सोमवार को इंसपेक्टर सहित तीन सस्पेंड भी कर दिए गए। मंगलवार को कमिश्नर ने जिलाधिकारी को उन प्रशासनिक अधिकारियों को चिह्नित करने के लिए कहा है, जिनकी ड्यूटी सीएम के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए इनर रिंग रोड पर लगाई गई थी। उन्होंने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।