हाईवे पर बवाल में पुलिस की चूक सामने आ रही है। बवाल की आशंका पहले से थी। इसके बावजूद शोभा यात्रा में पुलिस फोर्स कम तैनात की गई। सीओ और एसडीए जैसे अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद हालात बिगड़ते चले गए। पुलिस प्रशासन के अधिकारी गुस्से में आए लोगों को समझा नहीं पाए। इसके बाद जब बवाल हुआ तो पुलिस ने सख्ती दिखाने में देरी की। इसी का नतीजा रहा कि इतने वाहन टूट गए। यात्रियों को चोट आए। हाईवे थमा रहा
और भी कई चूक सामने आई। सिपाही से लेकर पुलिस के अफसरों तक ने न तो सिर पर हेलमेट लगा रखे थे। न ही बॉडी प्रोटेक्टर पहन रखे थे। आस-पास के थानों से फोर्स बुलाने में भी देरी हुई। इसके चलते बवाल बढ़ता चला गया। बलवाइयों को काफी देर तक खुली छूट मिली रही। लाठी चलाने का आदेश भी नहीं दे पा रहे थे अधिकारी।
अगर अधिकारी पहले से चौकन्ना होते तो इतना बवाल ही न होता। यह हाल तब रहा जबकि त्योहार पर पुलिस को हाई अलर्ट किया गया था। साफ हो गया कि तमाम तैयारी कागजों पर की गई थी। अफसरों को यह भी अंदाजा नहीं था कि कहां कितनी फोर्स की जरूरत है। जब लोगों ने जाम लगाया, तभी पुलिस को एक्शन लेना चाहिए था। आस पास के थानों की फोर्स बुलानी चाहिए थी। इसें देरी होती चली गई। इसी का बलवाइयों को फायदा मिला। यह हाल तब रहा जब यहां पहले भी बवाल हो चुका है। पुलिस ने पिछले साल की घटना से भी सबक नहीं लिया।
पथराव होते ही खेतों में भाग गए अफसर
एत्मादपुर। अधिकारियों के सामने ही कुछ लोगों ने रोडवेज की बसों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन माने नहीं। अधिकारी देखते रहे। पुलिस को सख्ती बरतने का आदेश नहीं दिया। इसी बीच उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। बसों के उतरकर यात्री भागने लगे। उनके साथ ही पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी खेतों में भाग गए। जब आस पास के थानों की फोर्स आ गई। तब अधिकारी भी लौटे।
बलवाइयों ने रोडवेज की बसों को निशाना बनाया। इन पर लगातार पत्थर फेंके। महिलाओं समेत 20 यात्रियों को चोट आई। बसों में खौफ फैल गया। एक केबाद एक पत्थर आए जा रहे थे। लोग बसों से उतरकर भागे। सामान वहीं छूट गया। बलवाई पीछे दौड़े। कई लोगों की चप्पलें भी छूट गईं। यात्री अपने बच्चों को कलेजे से लगाए काफी दूर तक दौड़ते चले गए। इसके बाद खेतों में शरण ली। मलपुरा के राजकुमार ने बताया कि बसों पर पहले लाठी से वार किया गया था। कई शीशे टूट गए। इसके बाद जब पथराव हुआ तो यात्रियों को चोट आई। इसकेबाद ही वे लोग वहां से निकलकर भागे।
अफवाह से कस्बा में फैला तनाव
हाइवे पर बवाल की खबर जंगल की आग की तरह कस्बा में फैल गई। साथ ही कई अफवाहें भी उड़ गई। इसके चलते तनाव बन गया। बाजार बंद हो गए। जगह जगह लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस ने जाकर समझाया कि हाईवे पर पुलिस और कुछ लोगों के बीच टकराव हुआ है। देर रात तक पुलिस कस्बा में गश्त करती रही। आस पास के थानों की फोर्स भी बुला ली गई।
झांकियां अधिक होने से बिगड़ी बात
एत्मादपुर। पुलिस ने दो दिन पहले ही थाना परिसर में शांति समिति की मीटिंग बुलाई थी। इसमें दोनों समुदाय के लोग बुलाए गए थे। सहमति बनी थी कि शोभा यात्रा चार बजे शुरू की जाएगी। छह बजे तक थाना क्रास कर लेगी। इसके बाद ताजिए रखे जाएंगे। लेकिन झांकियां अधिक होने के चलते शोभा यात्रा लंबी हो गई।
जाम से बिलबिला उठे लोग
एत्मादपुर। बवाल के दौरान हाईवे पर डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक थमा रहा। इसके बाद जब चला तो जाम लग गया। लोगों को बुरा हाल हो गया। दस मिनट का सफर तय करने में तीन घंटे लगे। पुलिस देर रात तक जाम खुलवाने में लगी रही। इसके बावजूद ट्रैफिक रेंगता रहा।
चूक - 1
थाना के पास हाईवे पर पहले भी बवाल हो चुका है। इसके बावजूद पुलिस ने सबक नहीं लिया।
चूक - 2
इस बार दो समुदायों के बीच टकराव की आशंका थी। फिर भी फोर्स कम तैनात की गई।
चूक - 3
हंगामे को पुलिस ने हलके में लिया। इसी के चलते यह थोड़ी देर में बवाल में बदल गया।
चूक - 4
पुलिस बवाल से निपटने के लिए तैयार नहीं थी। बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट नहीं पहने थे।