जेल में बंद पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की पुत्र वधु सारा की मौत की
उलझी गुत्थी सुलझाने में लगी सीबीआई की मुश्किल फोरेंसिक रिपोर्ट से बढ़
सकती है। दिक्कत यह है कि आगरा के फोरेंसिक एक्सपर्ट ने घटना को सड़क हादसा
करार दिया था जबकि लखनऊ के विशेषज्ञों ने हत्या की ओर इशारा किया था।
अब
देखना यह है कि सीबीआई किस पर यकीन करती है? वैसे केंद्रीय जांच एजेंसी
अपने फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी जांच करा सकती है लेकिन इसमें दिक्कत यह है
कि मौका ए वारदात पर कोई साक्ष्य बचा नही हैं।
अपने पति अमनमणि के साथ
कार से लखनऊ से दिल्ली जाते समय नौ जुलाई को सारा की मौत फीरोजाबाद के
सिरसागंज के पास हुई थी। अमनमणि ने बताया था कि सड़क पार करती बच्ची को
बचाने में कार हादसे का शिकार हो गई। लेकिन पुलिस को वहां आस पास कोई बच्ची
नहीं मिली थी।
इसके बाद आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के एक्सपर्ट जांच
के लिए पहुंचे तो उन्हें यह घटना हादसा ही लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में
भी हादसे में मौत के साक्ष्य दिए गए थे। लेकिन सारा की मां सीमा सिंह ने
रिपोर्ट पर सवाल उठा दिए। इसके बाद लखनऊ लैब के वैज्ञानिक आए तो उन्हें
सीमा सिंह की बात में दम लगा।
उनकी रिपोर्ट में हत्या का इशारा किया गया।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपे जाने की सिफारिश कर दी। अब
केंद्रीय जांच एजेंसी ने फोरेंसिक रिपोर्ट तलब कर ली है।
सीबीआई के एक्सपर्ट भी करेंगे जांच
आगरा।
इस मामले में तीसरी बार फोरेंसिक जांच होगी। सीबीआई की विधि विज्ञान
प्रयोगशाला के वैज्ञानिक मौका ए वारदात पर क्राइम सीन का री क्रिएशन ( पुन:
संरचना ) करेंगे। इससे अनुमान लगाया जाएगा कि कार हादसे का शिकार हुई या
हत्या को हादसे का रूप दिया गया।
पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के दर्ज होंगे बयान
हाई
प्रोफाइल सारा मौत मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी
पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों के पैनल से मौत के कारणों के बारे में
जानकारी करेगी। इसके साथ ही उन पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए बुलाया
जाएगा जिन्होंने घटनास्थल पर शव का पंचनामा किया। सीबीआई के सूत्रों का
कहना है कि जांच में सबसे पहले यह जानने की कोशिश हो रही है कि सारा की मौत
कैसे हुई।
मुश्किल
--। सारा के शव का पोस्टमार्टम सीएचसी के डाक्टर से कराया गया था। अगर यह फोरेंसिक एक्सपर्ट के पैनल से कराया गया होता, तो सीबीआई को आसानी होती।
--। पुलिस की ओर से पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी भी नहीं कराई गई। सीबीआई जांच में पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग की अहम भूमिका होती है।
--। सीमा सिंह का आरोप था कि अमनमणि ने सारा का मोबाइल गायब कर दिया, इस पर पुलिस कोई स्पष्ट रिपोर्ट नहीं दे पाई।