सेंट पीटर्स कालेज स्थित निष्कलंक माता महा गिरजाघर
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सेंट पीटर्स कालेज स्थित निष्कलंक माता महा गिरजाघर में शनिवार शाम को माता मरियम की मूर्ति को तोड़ने की कोशिश करने के आरोपी विदेशी छात्र को डेढ़ महीने पहले भगा दिया गया था। इससे वह काफी गुस्से में था। मगर, किसी को अंदाजा नहीं था कि ऐसी हरकत कर देगा। उसे अपने किए का अफसोस नहीं है।
पुलिस की पूछताछ में रोड्रिक अमन ने बताया कि वह क्रिश्चियन समाज से है। डेढ़ महीने पहले चर्च में आराधना के लिए गया था। तब उसका चर्च में मौजूद लोगों से विवाद हो गया था। वह मूर्ति पूजा का विरोध कर रहा था। उसने कहा था कि बाइबल में रोक है। लोगों ने उसे गिरजाघर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया था। इससे वह गुस्से में था।
शनिवार को भी वह चर्च में प्रार्थना के लिए आया था। इस बार भी उसे अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे ही वह गुस्से में आ गया था। उधर, फादर जोसफ का कहना था कि गिरजाघर में माता मरियम की मूर्ति आदर के लिए लगाई गई न कि आराधना के लिए है।
पहले जब युवक आया था तो वह प्रार्थना सभा में जोर-जोर से चिल्लाने लगा था। इस पर लोग उसे बाहर ले गए थे। उसे जबरन नहीं निकाला गया था। किसी तरह का अभद्र व्यवहार भी नहीं किया था। मगर, आज फिर उसने मूर्ति को तोड़ने और जलाने का प्रयास किया।