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सिपाही भेजा खत, लिखा तलाक तलाक तलाक

Tue, 25 Apr 2017 07:58 PM IST
सिपाही ने पत्नी को पत्र में लिखकर भेजा तीन तलाक
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सिपाही ने पत्नी को पत्र में लिखकर भेजा तीन तलाक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मदीना जैसी कहानी गुलफ्शा की है। सोमवार को मदीना से पति ने फैमिली कोर्ट के बाहर तीन तलाक बोला। उसी तरह सिपाही पति उसका उत्पीड़न कर रहा है। उसे न सिर्फ घर से निकाला, बल्कि पत्र में तीन तलाक लिखकर भेज दिया। न्याय के लिए भटक रही गुलफ्शा ने मुख्यमंत्री योेगी आदित्यनाथ से उम्मीद लगाई है।
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गोसपुरा हजीरा ग्वालियर की गुलफ्शा बानो पुत्री रसीद वेग का निकाह 14 सितंबर 2012 में सुनरट्टी बाह के इसरायल वेग पुत्र कायम के साथ हुआ था। गुलफ्शा ने बताया कि उसका तीन साल का बेटा उमर है। पति मैनपुरी के बरनाहल थाना में सिपाही है। पति के संबंध एक युवती से हो गए। जब उसे इस बारे में पता चला तो वह विरोध करने लगी। मगर, पति की हरकतें बंद नहीं हुईं। इसको लेकर घर में अक्सर झगड़े होने लगे। 28 फरवरी 2016 को उनके बीच झगड़ा हो गया। गुस्से में पति ने उसे घर से निकाल दया।

बेटा भी अपने पास रख लिया। तब से वह मायके में रह रही है। 30 जुलाई 2016 को घर पर रजिस्टर्ड डाक से पत्र आया। पत्र खोला तो उसमें एक लाइन में तीन बार तलाक लिखा था। पत्र में पति के हस्ताक्षर भी थे। पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुलफ्शा का आरोप है कि पति ने एक अन्य युवती से दूसरी शादी कर ली है। वह सोमवार को आईजी सुजीत पांडेय से शिकायत करने पहुंची। उसने पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आईजी ने एसपी स्तर के अधिकारी से जांच का आश्वासन दिया। जांच में मामला सही पाए जाने पर इसरायल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सिपाही ने पत्नी को पत्र में लिखकर भेजा तीन तलाक

ट्रिपल तलाक - फोटो : social media
गुलफ्शा का कहना था कि तीन तलाक ने उसकी जैसी न जाने कितनी लड़कियाें की जिंदगी तबाह कर दी है। मुख्यमंत्री से बेटा दिलवाने की गुहार लगाई। वो यह भी कह रही थी कि बेटा नहीं मिला तो आत्महत्या कर लेगी। इसके लिए ससुराल वाले और पुलिस कर्मी जिम्मेदार होंगे। वह बाह थाने पहुंची। एसएचओ बाह प्रदीप कुमार ने पुलिस कर्मियों को सुनरट्टी स्थिति घर पर भेजा। लेकिन परिजनों ने कोर्ट के आदेश के बाद ही मिलने की इजाजत देने की बात कह कर पुलिस कर्मियों को लौटा दिया। चूंकि मामला कोर्ट में है। इसलिए पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा।

गुलफ्शा आईजी को अपनी पीड़ा बताते हुए रोने लगी। उसका कहना था कि पति पुलिस का रौब दिखाकर उसका उत्पीड़न कर रहा है। अब वह उसे साथ नहीं रखना चाहता है। कई और लड़कियों को बर्बाद कर चुका है। उसने उसे सस्पेंड करने की मांग की। बता दें ‌‌कि गुलफ्शा की मां की मौत हो चुकी है। पिता ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद जयपुर में जाकर रहने लगे। अब वह कभी मिलने भी नहीं आते हैं। इस कारण वह अपनी नानी के पास ही रह रही है।

वहीं मामले में नायब शहर काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम का कहना है कि अगर मर्द कहता है कि उसने तलाक नहीं दिया है और बीवी कहती है कि तीन तलाक दे चुका है तो ये तलाक नहीं माना जाएगा, क्योंकि शरीयत में तलाक देने का हक मर्द का है। अगर बीवी चाहे तो वह भी अपने पति से ‘खुला’ यानी तलाक मांग सकती है। इस केस में ये देखने वाली बात है कि पति का इल्जाम है कि पत्नी ने उस पर अदालत में केस दर्ज कराया हुआ है। केस की मजबूती के लिए तीन तलाक दिए जाने की बात कह रही है।  
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तीन तलाक के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहीं महिलाएं

तीन तलाक - फोटो : SELF

तीन तलाक का मुद्दा बहस में आने के बाद अब मुस्लिम महिलाएं भी खुलकर बोलने लगी हैं। वे तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हट रहीं। थानों से लेकर अधिकारियों तक से शिकायत में पति द्वारा तीन तलाक दिए जाने का जिक्र भी महिलाएं अपने प्रार्थना पत्रों में कर रही हैं। पिछले 15 दिन में तीन तलाक को लेकर महिलाओं के पांच मामले एसएसपी आफिस में पहुंच चुके हैं। बता दें, एसएसपी आफिस मेें रोजाना 10 से 12 मामले घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के आते हैं। जानकारी के मुताबिक, इनमें 30 फीसदी शिकायतें मुसलिम परिवार की महिलाओं की भी होती हैं। पहले सिर्फ दहेज उत्पीड़न की बात होती थी लेकिन अब महिलाएं अपने शिकायती पत्र में पति द्वारा घर से निकालने के लिए तीन तलाक की धमकी का जिक्र कर रही हैं।

केस : 1 
जैतपुर निवासी फूलबानो की शादी चार मई 2008 को डौकी के गांव कुंडौल निवासी आसीन अली से हुई थी। उससे दहेज मांगा गया। विरोध करने पर तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। उसने 13 अप्रैल को एसएसपी से शिकायत की थी।

केस : 2
मलपुरा के धनौली निवासी शहनाज का निकाह खेरागढ़ के आढ़ती बबलू से हुआ था। शहनाज का आरोप है कि शौहर ने कोर्ट के बाहर उससे तीन बार तलाक बोल दिया था। हालांकि बाद में पति बबलू एसएसपी के पास पहुंचा। उसने बताया था कि उसने तलाक नहीं बोला है।

केस : 3
अछनेरा निवासी नसीमा की शादी किरावली निवासी फरीद से हुई थी। आरोप था कि ससुराली नसीमा का दहेज के लिए उत्पीड़न करने लगे।  पिछले दिनों मारपीट कर घर से निकाल दिया।  तीन तलाक बोलने की धमकी दी हैं। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत की थी।


एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि  महिलाओं की शिकायत आ रही हैं। दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के मामले में संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाती है।

अधिवक्ता अर्चना शर्मा ने बताया कि  अगर, पति तीन तलाक की बात से इंकार करता है तो भी केस किया जा सकता है। हालांकि इससे पहले पति-पत्नी की काउंसलिंग की जानी चाहिए। इसके बाद दहेज उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न में मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। इसके लिए पुलिस और कोर्ट में शिकायत की जा सकती है।


 
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