मथुरा के छाता में बरसाना मोड़ पर रामनगर कालोनी में रह रहे कृषि विभाग के संविदा कर्मचारी ने रविवार की रात को विवाद होने पर पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में खुद भी जहर खाकर जान दे दी। पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी। नीचे के कमरे में सो रहे बच्चों और अन्य परिवार वालों को सोमवार की सुबह घटना की जानकारी जानकारी हुई। पत्नी का शव बेड व पति का फर्श पर पड़ा हुआ था।
छाता के मोहल्ला रामनगर कालोनी निवासी बुद्धि सिंह का बेटा रितु कुमार (30) कृषि विभाग के गोवर्धन स्थित बीज गोदाम पर तैनात था। उसकी पत्नी रश्मि (26) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी। यह दंपति अपने तीन बच्चों नमन, उर्वशी और भूमि के साथ रहते थे। रविवार की रात को बच्चे नीचे वाले कमरे में सो रहे थे।
रितु और रश्मि प्रथम तल पर बने कमरे में थे। बच्चों के मुताबिक रात को दोनों के बीच किसी बात पर झगड़ा हुआ था। कमरे से तेज तेज बोलने की आवाजें आ रही थीं। कुछ देर बाद आवाजें बंद हो गईं थीं। सुबह को जब तीनों बच्चे सोकर उठे तो अपने पास मम्मी-पापा को न पाकर ऊपर कमरे में पहुंचे। कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था।
बच्चों ने पड़ोसियों की सूचना दी। कुछ देर बाद पड़ोस में रहने वाले दादा बुद्धि सिंह, चाचा संजय और लाल सिंह को सूचित किया। कुछ ही देर में परिवार के सब लोग मौके पर पहुंच गए। दरवाजा खोला तो रश्मि का शव डबलबेड पर था। रितु का शव फर्श पर पड़ा था। परिवार वालों ने पुलिस को सूचना दी कि दंपति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है।
पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार रश्मि की मौत गला घुटने और सिर में चोट लगने से हुई है। उसके शरीर में जहर नहीं पाया गया है। इससे माना जा रहा है कि रितु कुमार ने रश्मि की हत्या की और बाद में खुद ने जहर खा लिया।
जो सुसाइड नोट मिला है उसमें भी उसने लिखा है वह जीवन से तंग आकर अपनी मर्जी से जान दे रहा है। पोस्टमार्टम करने वालों का कहना है कि महिला के गले पर निशान मिले हैं, महिला की मौत गला दबाने से हुई है। वहीं पति की मौत की वजह प्वाजनिंग है। उनका बिसरा प्रिजर्व किया गया है।