स्टाफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी) के मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की परीक्षा का पेपर आउट करने वाला गिरोह का संबंध शामली के अरविंद राणा से पाया गया है। अरविंद राणा वही शातिर है, जो पहले भी कई पेपर आउट कर चुका है। उसके गुर्गों ने पिछली साल एसएससी का पेपर आउट किया था। शक के घेरे में आए लोगों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकार्ड से यह जानकारी मिली है। पुलिस की टीम जल्द ही मेरठ जाकर जांच को और आगे बढ़ाएगी। अरविंद राणा मेरठ के मोदीपुरम में काफी समय रहा है।
वह मूल रूप से शामली के बझेड़ी गांव का है। दस साल पहले बड़ौत में राणा कोचिंग सेंटर नाम से कोचिंग चलाता था। वह काफी समय मेरठ के मोदीपुरम में भी रहा है। वह रहते समय भी उसने पेपर आउट किए। मेरठ पुलिस ने उस पर काफी काम किया है। पिछले 10 सालों से वह पेपर आउट कराने का अपराध कर रहा है।
रेलवे, यूपी पुलिस, दिल्ली पुलिस और एसएससी के पेपर वह आउट कर चुका है। दो साल पहले उसे मुजफ्फरनगर में पकड़ा गया था। बाद में जमानत पर छूट गया। उसके गुर्गे भी लंबे समय से पेपर आउट कर रहे हैं। गैंग यूपी, दिल्ली, हरियाणा में सक्रिय है।
पुलिस ने बताया कि इस बार भी अरविंद राणा के गुर्गों पर ही शक जा रहा है। कुछ ऐसे नंबर मिले हैं जिनकी आईडी निकलवाने पर पता चला कि ये लोग पहले भी पेपर आउट करते रहे हैं। जांच में एसटीएफ और दिल्ली पुलिस भी लगी है।
एएसपी हरीपर्वत श्लोक कुमार का कहना है कि पेपर अन्य जिलों में भी आउट हुए हैं। इस केस के खुलासे में तमाम एजेंसियां लगी हैं। बता दें, एसएससी का पेपर दिल्ली में भी आउट हुआ था। पिछले रविवार को आगरा में पेपर आउट कराने वाला मुरादाबाद का जेजे नाम का शख्स है। आगरा में पकड़े गए लोगों में लोकेंद्र सिंह एटा के मिरेची के गांव रफीपुर का है। गिरौरा निवासी उसका साला पुष्पेंद्र एमजी रोड पर साईं की तकिया स्थित बैप्टिस्ट हायर सेकेंड्री स्कूल में परीक्षा देने के लिए आया था।