नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से मरीज बेहाल
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नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल से एसएन मेडिकल कालेज, लेडी लायल और जिला अस्पताल की चिकित्सकीय सेवाएं पटरी से उतर गईं। मरीजों की ड्रेसिंग नहीं हुई, ड्रिप तक नहीं बदली गई। सबसे बुरा हाल एसएन मेडिकल कालेज का हुआ। यहां इनडोर पांच सौ मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। संविदा स्टाफ और नर्सिंग छात्राओं के बावजूद भी मरीज हलाकान रहे।
नर्सेज को न्यूनतम एंट्री पे 5400 ग्रेड, सातवें वेतन आयोग में नर्सिंग भत्ता बढ़ाने, यूनीफार्म-धुलाई भत्ता बढ़ाने जैसी सात मांगों के लिए लेडी लायल, एसएन और जिला अस्पताल की नर्सिंग स्टाफ ने धरना दिया। नारेबाजी करते हुए परिसर में पैदल मार्च निकाला। नर्सिंग स्कूल में संगोष्ठी कर मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का एलान किया। जिलाध्यक्ष कुंती चौहान, एसएन अध्यक्ष सुजाता तोमर, ममता सिंह, रानी वर्मा, राकेश शर्मा, अशोक कुमार, संदीप त्यागी, जितेंद्र सिंह, सुमित्रा पांडे, ज्योतिसिमा फ्लोरेंस आदि रहे।
प्राचार्य कार्यालय पर तड़पता रहा मरीज
हड़ताल के चलते शिकोहाबाद का नेत्रपाल प्राचार्य कार्यालय पर तड़पता रहा। यहां किसी ने उसे भर्ती नहीं किया। यहां एसआईसी डा. हिमांशु यादव आए तो उन्होंने एंबुलेंस बुलाकर इसे इमरजेंसी भर्ती कराया। पीड़ित के परिजन उमेश ने बताया कि शुक्रवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया था। यहां दवा देकर दूसरे दिन बुलाया, यहां आने पर हड़ताल की बात कह भगा दिया।