आगरा-जयपुर हाईवे स्थित कौर्रई टोल प्लाजा पर राजस्थान पुलिस और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह गोवंश से भरा एक ट्रक पकड़ लिया। इस दौरान ट्रक चालक और एक अन्य व्यक्ति को मौके से भागते समय पकड़ लिया गया। राजस्थान पुलिस पकडे़ गए गौवंश और ट्रक को भरतपुर ले गई।
सुबह लगभग साढे़ आठ बजे राजस्थान के भरतपुर में सारस चौराहे से आगरा की ओर जा रहे त्रिपाल से ढके ट्रक को वहां की पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो चालक ने ट्रक भगा दिया। यह देख पुलिस और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उसके पीछे लग गए। कार्यकर्ताओं ने सीकरी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को फोन पर सूचना दे दी। इस पर बजरंग दल के कार्यकर्ता हाईवे पर पहुंच गए। इसके बाद ट्रक को कौरई टोल प्लाजा पर पकड़ लिया। ट्रक रुकते ही चालक उतरकर भागने लगा। उसे कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। जब ट्रक की त्रिपाल को हटाकर देखा गया तो उसमें बुरी तरह से ठूंसकर 65 गोवंश को भरा देखा। इससे आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने ट्रक चालक की जमकर पिटाई कर दी। पकडे़ गये ट्रक को गोवंश सहित राजस्थान पुलिस भरतपुर ले गई। ट्रक को पकड़वाने वालों में बजरंग दल प्रदेश विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर, भाजपा युवा मोर्चा जिला संयोजक विश्वेंद्र कुमार, हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक यदुवीर माहुरा, सत्कार चौधरी, हिंदू जागरण मंच के अभिषेक फौजदार, शिशु चौधरी, भोला, मुकेश, नीरज, राहुल शर्मा आदि शामिल रहे। बताया गया है कि ट्रक पर अलग-अलग नंबरों की तीन नंबरप्लेट लगी हुई थीं।
नहीं हो सकी गोकश बनारसी के घर की कुर्की
आगरा। गोकश बनारसी पुलिस के हाथ नहीं आ रहा है। पुलिस कई बार उसके घर पर दबिश भी दे चुकी है। कुर्की नोटिस चस्पा करने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। अब उसके घर की कुर्की का आदेश कोर्ट से मिल चुका है। शनिवार को पुलिस उसके घर की कुर्की की पूरी तैयारी के साथ गई, लेकिन लोहामंडी मेें फोर्स की कमी के चलते ऐसा नहीं हो सका। पुलिस को खाली हाथ हीं लौटना पड़ा।
बता दें कि 22 मई 2016 को मानसिक आरोग्यशाला के जंगल में गोकशी की गई थी। इस मामले में सिपाही तेजवीर सिंह ने सैय्यपाड़ा निवासी बनारसी उर्फ आरिफ कुरैशी पुत्र बसरो, चांद और उसके भाई गोरे के खिलाफ गो हत्या निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। पुलिस ने कई बार उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आ सका। कोर्ट ने 30 सितंबर 2016 को उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए। इसके बाद सात अक्तूबर 2016 को कुर्की का नोटिस जारी किया। 15 अक्तूबर को उसके घर पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। मुनादी भी करा दी गई। इस पर आरोपी ने कोर्ट मेें समर्पण प्रार्थना पत्र डाल दिया लेकिन समर्पण नहीं किया। इस पर पुलिस ने छह जनवरी को धारा 174 ए आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया। शनिवार को पुलिस आरोपी के घर की कुर्की करने के लिए थाना लोहामंडी पहुंची। मगर, लोहामंडी थाना से फोर्स नहीं मिलने के कारण कुर्की नहीं की जा सकी।
तीन थानों में दर्ज हैं मुकदमे
हरीपर्वत पुलिस ने बताया कि बनारसी पर हरीपर्वत के अलावा थाना नाई की मंडी और लोहामंडी में भी गोकशी के मुकदमे दर्ज हैं। कई मुकदमों में अब भी जांच चल रही है।