पत्नी को शव के साथ रास्ते में ही उतारा
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राजस्थान रोडवेज की बस में यहां गुरुवार शाम मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई। पत्नी गुलाबो देवी के साथ सफर कर रहेबीमार भट्ठा मजदूर गंगादीन (35) ने दम घुटने से तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। मौत हो जाने पर ड्राइवर-कंडक्टर ने संवेदनहीनता की हद पार करते हुए गुलाबो को धक्के देकर शव सहित सड़क किनारे उतार दिया। वह शव के साथ एक घंटा सड़क किनारे अकेली खड़ी बिलखती रही।
हमीरपुर के पुरई गांव निवासी गंगादीन अपनी पत्नी गुलाबो के साथ धौलपुर के पास राजाखेड़ा में ईंट-भट्ठे पर काम करता था। तबीयत खराब होने पर घर जाने के लिए गुलाबो के साथ इटावा की बस में बैठा। इटावा पहुंचकर उन्हें हमीरपुर की बस मिलती। हालांकि मृत्यु के कारण की चिकित्सकीय पुष्टि तो नहीं हो सकी लेकिन गुलाबो ने बताया कि उसने बताया कि बस 80 सवारियों से ठसाठस भरी थी।गंगादीन को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी।
यह देख उसने पास बैठे यात्रियों से कहा कि बस रुकवाकर एंबुलेंस बुलवा दें, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। अंतत: गंगादीन ने सीट पर ही दम तोड़ दिया। यह देखकर पास बैठे लोग दूर हट गए। कंडक्टर ने उतरने को कहा। गुलाबो ने उसे इटावा तक ले चलने की गुहार की। उसने हाथ भी जोड़े, गिड़गिड़ाई कि वह अकेले शव को लेकर कैसे जाएगी लेकिन लेकिन कंडक्टर का दिल नहीं पसीजा। उसने पिनाहट कस्बा आते ही एक पेट्रोल पंप के पास ड्राइवर के साथ मिलकर शव सड़क किनारे उतार दिया।
वह चिल्लाई तो उसे धक्के दिए। इसके बाद बिलखती गुलाबो ने किसी राहगीर से विनती कर भट्ठा मालिक को फोन करवाया। राजाखेड़ा (राजस्थान) से भट्ठा मालिक के आने पर उसकी कार में शव लेकर गई।