यमुना एक्सप्रेस वे पर जेवर टोल प्लाजा के पास रविवार रात पौने दो बजे आगरा के शू एक्सपोर्टर रोमी लूथरा के साथ लूटपाट की गई। हथियारों से लैस दस बदमाशों ने उनकी कार को पंक्चर करने के बाद इत्मिनान से डाका डाला। बदमाश कैश से भरा बैग लूटकर ले गए। इसकी जानकारी आला अफसरों तक को दे दिए जाने के बाद पुलिस में हड़कंप मचा। एक घंटे बाद टोल प्लाजा के पास ही बैग तो बरामद हो गया, लेकिन इसमें से कैश गायब था।
रोमी लूथरा दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से कार से आगरा आ रहे थे। वे एयरपोर्ट से 11 बजे चले। उनके साथ उनकी पत्नी और नवजात शिशु था। जेवर टोल प्लाजा से कार आगे निकल जाने के बाद उन्हें लगा कि आस पास गोली चली है। लेकिन तभी ड्राइवर ने महसूस किया कि कार का टायर पंक्चर हुआ है। रोमी और ड्राइवर जैसे ही नीचे उतरे, पास खड़े दस बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। उनके हाथों में पिस्टल और लोहे की रॉड थी। बदमाश कार में घुस गए।
बदमाशों ने कैश से भरे सूटकेस, मोबाइल फोन लूट लिए और भाग निकले। रोमी ने 100 नंबर पर सूचना दी। साथ ही पुलिस के आला अफसरों को बताया। इस पर पुलिस हरकत में आई। एक घंटे बाद पास से ही सूटकेस मिल गए लेकिन इनमें कैश नहीं था।
आईजी से मिले जूता नियार्तक
आगरा। आगरा फूटवियर मेन्यूफैक्चर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के पदाधिकारी मंगलवार सुबह आगरा जोन के आईजी डीसी मिश्रा से उनके दफ्तर में मिले। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस पर लगातार लूट हो रही हैं। एक्सपोर्टर्स को निशाना बनाया जा रहा है। यहां पुलिस सुरक्षा बढ़ाई जाए। पूरा एक्सप्रेस वे सीसीटीवी की निगरानी में किया जाए। इस पर आईजी ने अलीगढ़ और नोएडा के पुलिस अफसरों से बात की। उन्होंने सीएम को खत भेजकर बताया है कि इंटरनेशनल फ्लाइट रात में ही आती हैं। इसलिए कारोबारी और खरीदार रात में ही कार से एक्सप्रेस वे से आगरा आते हैं। इसी दौरान लूटपाट की जा रही है।
टायर पंक्चर गैंग की दहशत
आगरा। हाईवे पर ठक ठक गैंग का खौफ है। इस गिरोह के बदमाश कार रुकते ही शीशे पर हाथ से ठक ठक करते हैं। जैसे ही ड्राइवर शीशा उतारता है, उसे लूट लेते हैं। इसके बाद अब एक्सप्रेस वे पर टायर पंक्चर गैंग की दहशत हो गई। यह गिरोह एक्सप्रेस वे पर कील फेंक देता है। टायर पंक्चर होते ही जो भी कार रोकी जाती है, उसे बदमाश घेर लेते हैं और लूटकर भाग जाते हैं। एक्सपोर्टर मुकेश गोस्वामी और कुलवीर सिंह की कार इसी तरह पंक्चर की जा चुकी है लेकिन दोनों रुके नहीं, इसलिए लूटपाट से बच गए।