दीवानी कचहरी में हुई अंधाधुंध फायरिंग से अधिवक्ता बुरी तरह दहल गए। ओमवीर सिंह चाहर की जान लेने आए हमलावरों ने एक के बाद एक 12 राउंड फायर किए। कचहरी में अफरा-तफरी मच गई। लेकिन हमलावरों के ठीक सामने स्थित चौकी में मौजूद पुलिसवाले हिले तक नहीं। चश्मदीदों का कहना है कि पुलिसकर्मी दुबक गए। हमलावरों के जाने के बाद आए। इसके बाद घटनास्थल पर अधिकारी भी देर से पहुंचे।
चश्मदीद दीपक चाहर ने बताया कि हमलावर तीन थे। दो के हाथ में रिवाल्वर थी। उन्होंने नजदीक आकर गोलियां चलाईं। उधर, फायरिंग के बाद कचहरी में अफरा-तफरी मच गई। हमलावरों के भागते ही अधिवक्ता मौके पर पहुंचे और घायल ओमवीर सिंह चाहर को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस का कहना है कि ओमवीर सिंह चाहर की गांव में रंजिश चल रही है। अभी तक की जांच में यही बात सामने आई है कि हमला इसी रंजिश में किया गया है। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह ने थाना न्यू आगरा के साथ कागारौल पुलिस को भी जांच में लगाया है। ओमवीर सिंह चाहर का गांव नारोल कागारौल में ही पड़ता है।
गुस्से में वकील, कल हड़ताल पर रहेंगे
आगरा। ओमवीर सिंह चाहर को गोली लगने की सूचना पर सैकड़ों अधिवक्ता नर्सिंग होम पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की काहिली पर गहरी नाराजगी जाहिर की। हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए बनी संघर्ष समिति जनमंच के संयोजक अजय चौधरी के अलावा मनीष सिंह, नितिन वर्मा, राजीव चौधरी, तेजवीर सिंह, केके शर्मा, और कलेक्ट्रेट बार से अशोक चौबे के ने कहा कि पुलिस का अपराधियों को कोई डर नहीं रह गया है। अगर 24 घंटे के भीतर हमलावर नहीं पकड़े गए तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कचहरी पुलिस चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों की निलंबित किए जाने की मांग भी की। अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को नो वर्क पर रहने का एलान किया है। सुबह 11 बजे सभी बार की मीटिंग बुलाई गई है।
सवालों के घेरे में कचहरी की सुरक्षा
आगरा । अधिवक्ताओं ने कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कराने के लिए 10 दिन कार्य नहीं किया। इसके बावजूद हालात नहीं बदले। कचहरी में पहले कभी मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई गई थी लेकिन बाद में इन्हें हटवा लिया गया। पूरे कचहरी परिसर में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। यहां कई बार संदिग्ध युवक और महिलाएं देखे जा चुके हैं। अधिवक्ताओं ने पुलिस अफसरों से इसकी शिकायत की है। इसके बावजूद सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।