यमुनापार में शराबबंदी की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर ठेकेदार के कर्मचारियों ने हमला बोल दिया। उन पर डंडे बरसाए। विरोध में शामिल एक महिला को तो पुलिसकर्मियों के सामने ही बाल पकड़कर पीटा। इस पर गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। दो घंटे तक हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समझाबुझा कर जाम खुलवाया। शराब की दो दुकानें बंद करा दीं। इसके अलावा राजपुर चंगी और तोता का ताल स्थित शराब की दुकानें भी क्षेत्रीय लोगों ने बंद करा दीं।
मंगलवार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे कटरा वजीर खां के लोग यहां स्थित देसी शराब के ठेके को बंद कराने पहुंचे थे मगर, यहां पहले से मौजूद पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने उन्हें लौटा दिया। इसके बाद अपराह्न साढ़े तीन बजे क्षेत्रीय लोग फिर से शराब की दुकान पर पहुंचे। इसमें पुरुष और किशोरों के अलावा काफी संख्या में महिलाएं भी थीं। प्रदर्शनकारी ठेके के सामने विरोध कर ही थे कि ठेके से कई कर्मचारी हाथ में डंडा लेकर निकल आए और प्रदर्शनकारियों पर हमला बोल दिया। डंडों से प्रहार कर उन्हें खदेड़ दिया। इस बीच एक कर्मचारी ने जमुना नाम की महिला के बाल पकड़कर उसे जमकर पीटा। महिला बेहोश होकर वहीं गिर पड़ी। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। इससे गुस्साए लोग थोड़ी दूर पर स्थित दूसरे निर्माणाधीन ठेके पर पहुंच गए। यहां उन्होंने ईंट-पत्थर डालकर सड़क जाम कर दी। दो घंटे जमकर हंगामा काटा। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। लोगों की शिकायत के बाद भी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, राजपुर चुंगी स्थित शराब के ठेके को क्षेत्रीय लोगों ने बंद करा दिया। तोता का ताल स्थित शराब के ठेके पर भी क्षेत्रीय लोगों ने जमकर हंगामा काटा। नारेबाजी कर सड़क भी जाम कर दी। इस पर शराब विक्रेता दुकान बंद कर भाग निकला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा।