खेड़ा नवादा में पुलिस दबिश के दौरान भूरी सिंह की मौत हो जाने के मामले में जांच बेहद धीमी रफ्तार के साथ शुरू हुई है। केस हत्या में दर्ज कराया गया है। इसमें एक दरोगा नामजद है जबकि 12 पुलिसकर्मी अज्ञात हैं। अज्ञात पुलिसकर्मियों के नाम अभी तक लिखा पढ़ी में नहीं लिए गए हैं। यह भी मालूम नहीं किया गया है कि इरादतनगर थाना से खेड़ा नवादा में दबिश देने के लिए आई पुलिस टीम में कौन कौन सिपाही और दरोगा शामिल थे। हत्या का आरोप इरादतनगर के अलावा शमसाबाद थाना के पुलिसकर्मियों पर है।
बता दें, इरादतनगर की पुलिस ने शमसाबाद थाना की पुलिस को साथ लेकर भूरी सिंह के घर दबिश दी थी। उसके भतीजे रवि को हिरासत में लिया था। आरोप है कि उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी दौरान उसे तालाब में धक्का दे दिया गया। इससे उसकी मौत हो गई। उसकी चप्पल और मोबाइल तालाब किनारे मिले थे।
उसकी पत्नी ने 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज कराया। इसमें दरोगा विनोद कुमार नामजद हैं जबकि 12 पुलिसकर्मी अज्ञात में हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अभी तक इनके नाम लिखा पढ़ी में नहीं लिए गए हैं। इरादतनगर की जीडी से इनका ब्योरा मिल सकता है। बता दें, इस केस की जांच एसपी पश्चिम बबीता साहू को सौंपी गई है।
बलवाइयों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
शमसाबाद। भूरी सिंह की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। वीडियोग्राफी के आधार पर नौ लोग चिह्नित किए जा चुके हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए घरों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस केस में जानलेवा हमला और बलवा की धारा लगा रही है। लिखापढ़ी में बताया गया है कि पुलिस पर फायरिंग भी की गई थी। अधिकारियों ने थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं कि इनकी गिरफ्तारी जल्द से जल्द की जाए।
सांसद ने कहा, सीबीआई जांच कराएंगे
शमसाबाद। सोमवार को सांसद चौधरी बाबूलाल पीड़ित परिवार के घर पहुंचे तथा सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में सीबीआई जांच कराई जाएगी। प्रदीप भाटी, हरीओम सिह, राजेश तोमर, संदीप गुप्ता, हीरा सिंह, मेघ सिंह कुशवाह, गिर्राज कुशवाह, अमित गुप्ता, रवि रहे।