फेसबुक पर समुदाय विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद गुरुवार को कस्बा और अगले दिन पास के गांवों तक फैली सांप्रदायिक हिंसा के बाद शनिवार को तनावपूर्ण शांति रही। बाजार खोलने की प्रशासन की अपील बेअसर रही। कुछ ही दुकानें खुलीं। डीएम-एसएसपी वहीं कैंप कर रहे हैं। शाम को कमिश्नर और आईजी जोन भी पहुंचे। उन्होंने अमन बहाली के उपायों पर अफसरों के साथ लंबी मंत्रणा की।
बता दें, शमसाबाद के टोला मोहल्ला में दोनों संप्रदायों के बीच फायरिंग-पथराव के बाद शनिवार को बलवाइयों ने पास के गांवों में चार धर्मस्थलों में तोड़फोड़ और आगजनी की। कस्बे और मिश्रित आबादी वाले गांवों में भारी फोर्स की तैनाती से शुक्रवार को अघोषित कर्फ्यू से हालात बन गए। शनिवार की सुबह पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने बाजार खोलने की अपील की। मुख्य चौराहे पर कुछेक दुकानें सुबह खुलीं लेकिन दोपहर बाद बंद कर दी गई। फल और सब्जी की कुछ ठेल भी दिखीं।
कुछ छिटपुट घटनाएं भी हुईं। बीती रात तकरीबन एक बजे गोपालपुरा में दो दुकानों में लगी आग को लोगों ने बुझा तो लिया लेकिन दुकानदार ने पुलिस को आग शार्ट सर्किट से लगना बताया। श्यामो मोड़ के पास शमसाबाद के एक युवक को ग्रामीणों ने पीट दिया। वह पिता के साथ दवा लेने शहर जा रहा था। इन्हें बलवे से जोड़ने की कोशिश की गई। दोपहर में भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक राणा ने समर्थकों के साथ कस्बे में घुसने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें बाकलपुर में रोक दिया तो वे वहीं धरने पर बैठ गए। ये कार्यकर्ता भाजपा नगर अध्यक्ष मेघ सिंह कुशवाह की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। कांग्रेस नेताओं को भी पुलिस ने लौटा दिया।
शांति कमेटी की बैठक रही बेनतीजा, बाजार खुलने पर संशय
शमसाबाद। नगर पालिका में अधिकारियों ने व्यापारियों और संभ्रांत लोगों की बैठक शनिवार की रात को दोबारा आयोजित की। इसमें पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोलने और शांति बनाए रखने का अनुरोध किया। लेकिन बाजार खोलने पर सहमति नहीं बन सकी। बैठक में व्यापारियों ने बलवे में की गई पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। कहा कि ऐसे लोगों को पकड़ा गया जिनका बलवे से कोई लेना देना नहीं था। इसके बाद व्यापारियों ने कहा कि अगर पुलिस आश्वासन दे कि दुकान खोलने पर गिरफ्तारी नहीं होगी तो बाजार खोला जाएगा। लेकिन इस पर बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। इस पर व्यापारियों ने भी रविवार को बाजार खोलने से इनकार कर दिया। बैठक में एडीएम प्रशासन हरनाम सिंह, एएसपी बबीता साहू, अखिलेश नरायन सिंह, एसडीएम फतेहाबाद और सीओ फतेहाबाद सोमेन वर्मा आदि मौजूद थे।
बलवाइयों की उम्र पर सवाल, कराया मेडिकल
शमसाबाद। बलवे में गिरफ्तार किए गए तीन युवकों को नाबालिग बताकर उन्हें छोड़ने का दबाव बनाया गया। घरवालों ने कहा कि वे निर्दोष हैं। लेकिन एक पुलिस अधिकारी ने एक लड़के की शिनाख्त कर ली। उन्होंने बताया कि इसी युवक ने उन पर पत्थर फेंका था। इस पर अधिकारियों ने तीनों युवकों की आयु की जांच के लिए शैक्षिक प्रमाण पत्र मंगवाए, लेकिन उन्हें अशिक्षित बताकर प्रमाण पत्र नहीं दिए गए। इसके बाद अधिकारियों ने तीनों की उम्र जांचने को जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। मेडिकल में तीनों बालिग बताए गए हैं।
रात में धर्मस्थलों की मरम्मत
जिन धर्मस्थलों में शुक्रवार को तोड़फोड़ की गई थी, पुलिस प्रशासनिक अफसरों ने रातोंरात उनकी मरम्मत करवाई। सुबह जब लोग धार्मिक स्थलों पर पहुंचे तो सब कुछ ठीकठाक मिला। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने तड़के चार बजे तक मरम्मत कार्य करवाया। इसके लिए आगरा से भी मजदूरों को बुलाया गया।
खुफिया इनपुट से उड़े होश
कस्बे में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान धर्मस्थलों को निशाना बनाए जाने के बाद एक इलाके से मिले खुफिया इनपुट ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। बताते हैं कि इस बस्ती के लोगों ने महिलाओं और बच्चों को अपनी रिश्तेदारियों में भेज दिया है। इसके साथ ही विस्फोटक और अन्य सामग्री भी जुटा ली है। इसके पीछे बदला लेने की मंशा बताई जा रही है। इस तरह का इनपुट मिलने पर पुलिस प्रशासन के लोग चौकन्ना हो गए हैं। पुलिस लगातार इन इलाकों की निगरानी कर रही है।
शमसाबाद में माहौल तेजी से सुधर रहा है। कुछ बाजार भी खुले थे। कोई नई घटना नहीं हुई। उम्मीद है कि रविवार तक माहौल समान्य हो जाएगा।
- दुर्गाचरण मिश्र, आईजी जोन
अधिकारी लगातार कैंप किए हुए हैं। लोगों से संवाद स्थापित किया जा रहा है। बलवे में कार्रवाई भी की जा रही है। रविवार तक पूरा बाजार खुल जाएगा।
- पंकज कुमार, जिलाधिकारी
पर्यटन नगरी की छवि न बिगाड़ें
सदरभट्ठी स्थित मस्जिद में शनिवार को नमाज ए जौहर के बाद बुजुर्ग इमामुद्दीन ने सुलहकुल की नगरी में अमन चैन की दुआ की। दुआ के बाद डा. सिराज कुरैशी, जियाउद्दीन, मोहम्मद आरिफ आदि ने कहा कि आगरा पर्यटन नगरी है। शमसाबाद की घटना से बदअमनी फैली है। इससे देश में ही नहीं विदेशों में भी छवि धूमिल होगी।
शमसाबाद जाने से भाजपा नेताओं को रोका
अधिकारियों से तकरार, सड़क पर धरने पर बैठे समर्थकों ने की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा/शमसाबाद। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को पुलिस प्रशासन ने शनिवार को शमसाबाद जाने से बालकपुर के पास रोक दिया। इस पर भाजपाइयों की अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई। वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। तकरीबन एक घंटे तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अगर नगर अध्यक्ष मेघ सिंह की बलवे में भूमिका नहीं पाई गई तो उन्हें रिहा करवाया जाएगा। इसके बाद भाजपाई माने।
भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक राना दोपहर दो बजे समर्थकों के साथ शमसाबाद जा रहे थे। जानकारी पर एडीएम प्रशासन हरनाम सिंह, एसपी प्रोटोकाल अशोक कुमार त्रिपाठी, एएसपी अखिलेश नारायण सिंह, बबीता साहू पुलिस बल के साथ बाकलपुर पहुंचे। पुलिस ने रोड को बंद कर दिया। भाजपाइयों को कस्बे मेें जाने से मना कर दिया। भाजपा नेताओं का कहना था कि वे भाजपा नगर अध्यक्ष मेघ सिंह कुशवाह के घर जा रहे हैं। पुलिस ने उन्हें अकारण जेल भेजा है। इसको लेकर अधिकारियों से नोंकझोंक हुई। तकरीबन एक घंटे तक धरना प्रदर्शन चलता रहा। जिलाध्यक्ष राना का कहना था कि पुलिस बलवे में निर्दोष लोगों को जेल भेज रही है। नगर अध्यक्ष मेघ सिंह की रिहाई की मांग की। इस मौके पर ऋषि उपाध्याय, मनोज गुप्ता, रामकुमार शर्मा, हरिओम रावत, सुशील शर्मा, केएम सिंघल, भानुप्रताप, सुरेंद्र प्रधान, संदीप शर्मा, अनुज पंडित आदि मौजूद थे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष को भी रोका
इसी दौरान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अश्वनी शर्मा अपने समर्थकों के साथ कस्बे में जाने लगे। उन्हें भी पुलिस अधिकारियों ने रोक लिया। उन्हें समझा बुझाकर वापस भेज दिया।