मासूम धनराज (बायें), हत्यारोपी नौकर अनिल (दायें)
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आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में मोबाइल तोड़ने पर नौकर ने सात वर्षीय बच्चे की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाजरे के खेत में छिपा दिया। 12 दिन बाद हत्या का खुलासा हुआ, जब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की।
आरोपी की निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। वहीं इकलौते बेटे की हत्या से मां की हालत बिगड़ गई। उन्हें शमशाबाद के एक निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया है।
ग्राम रजपुरा निवासी लोकेंद्र का सात वर्षीय पुत्र धनराज एक सितंबर को गायब हो गया था। उसे घर में काम करने वाला नौकर अनिल पुत्र अचल सिंह निवासी गांव बृथला मेला देखने के बहाने ले गया था। इसके बाद दोनों नहीं लौटे।
गांधीनगर चौराहा से गिरफ्तार
दोनों की खोजबीन में पुलिस की तीन टीमें और एसओजी टीम खोजबीन में जुटी थी। पुलिस के मुताबिक एक सप्ताह पूर्व अनिल की लोकेशन फतेहाबाद मे मिली थी। तभी से पुलिस फतेहाबाद के आसपास आरोपी की तलाश जुटी थी।
गुरुवार रात पुलिस को आरोपी अनिल की लोकेशन शमशाबाद में मिली। इस पर सैंया पुलिस ने आरोपी को गांधीनगर चौराहा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी अनिल ने मासूम धनराज की हत्या करने की बात कबूल की।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पीड़ित के घर से करीब सात सौ मीटर दूर बाजरे के खेत में बच्चे का शव बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि एक सितंबर को ही उसने धनराज की हत्या कर दी थी। शव का आधा हिस्सा गायब था। सिर देखकर परिजनों ने पहचान की।
प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह ने बताया कि आरोपी अनिल अनपढ़ है। पूछताछ मे अनिल ने बताया कि उसके पास दो मोबाइल फोन थे। खेलने के दौरान बच्चे धनराज ने उसका एक फोन तोड़ दिया था। इसी खुन्नस में उसने उसकी हत्या कर दी।
ऐसे की वारदात
एक सितंबर को आरोपी अनिल ने लोकेंद्र से मेला देखने के लिए सौ रुपये मांगे थे। लोकेंद्र ने उसे 40 रुपये दिए। इससे भी अनिल लोकेंद्र से नाराज था। घर से मेला देखने निकले अनिल को रास्ते में धनराज मिल गया। वो उसे अपने साथ ग्राम रजपुरा निवासी रामवीर के खेत में ले गया।
खेत में तारबंदी थी। उसके नीचे से निकलकर दोनों खेत में गए। वहां अनिल ने धनराज को चांटे मारे। उसके बाद धनराज की शर्ट उतारकर उसके हाथ पैर बांधे और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी अनिल शमशाबाद चला गया। शमशाबाद क्षेत्र में मजदूरी करने लगा।
इकलौता बेटा था धनराज
ग्राम रजपुरा निवासी लोकेंद्र पुत्र अतर सिंह शिक्षामित्र हैं। धनराज इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें आरती (11) और डिंपल (9) हैं। धनराज का शव मिलने की सूचना मिलते ही मां शारदा देवी की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे शमसाबाद के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है।