सिकंदरा थाना क्षेत्र में गैंगरेप का शिकार हुई आठवीं की छात्रा ने शनिवार को घर में आग लगाकर जान दे दी। उसकी मां का आरोप है कि थाने में सुनवाई नहीं होने से आहत होेकर उसने यह कदम उठाया। विरोधस्वरूप कुशवाहा महासभा ने पोस्टमार्टम हाउस पर धरना दिया। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डा. ज्योति सिंह भी पीड़ित परिवार से मिलीं।
घटना शनिवार दोपहर की है। मां का आरोप है कि वह गोवर्धन परिक्रमा जाने के लिए छोटी बेटी के साथ बाजार गई थी। उसकी 15 वर्षीय बेटी आठवीं में पढ़ती थी। वह घर पर अकेली थी। दोपहर तकरीबन 12:30 बजे पड़ोस में रहने वालेे तीन युवक जबरन घर में घुस आए। उन्होंने बेटी के साथ दुष्कर्म किया। लौटने पर बेटी ने उन्हें घटना की जानकारी दी। वह उसे लेकर थाने गईं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। घर आने पर लड़की ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली। किसी तरह लोगों ने भीतर जाकर आग बुझाई और उसे एसएन मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस पर आरोप है कि मृतका के पिता से कोरे कागज पर साइन करा लिए। इसके बाद आरोपी दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाने और आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया।
कुशवाहा महासभा के जिलाध्यक्ष प्रेमचंद कुशवाहा का कहना है कि पुलिस ने लापरवाही बरती। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर धरना दिया। किशोरी के शव का पोस्टमार्टम वीडियो कैमरे की निगरानी में दो डाक्टरों के पैनल से कराया गया है।
एसओ सिकंदरा थाना ने बताया कि पहले लड़की के पिता की तहरीर पर दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज किया था। तहरीर मेें दुष्कर्म की बात नहीं कही गई थी। अब दुष्कर्म की तहरीर मिली है। मुकदमे मेें संबंधित धाराएं बढ़ाकर जांच की जाएगी। दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड बनवा ली गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अन्य की तलाश में दबिशें दी जा रहीं हैं।