मंडी समिति के पीछे स्थित सुमित नगर में टैंकर चालक मुकेश का परिवार भूमाफिया की साजिश का शिकार हो गया। अदालत के आदेश पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने उसके प्लाट को कुर्क करके सील लगा दी। इसके विरोध में कालोनी के लोगों ने एकजुट होकर मंडी समिति के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। जमकर हंगामा किया।
अधिकारियों के समझाने पर भी जाम नहीं खोला तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें बच्ची घायल हो गई।
मंडी समिति के पीछे सुमित नगर बसा हुआ है। यहां के लोगों ने बताया कि कास्तकार दाऊदयाल यादव ने 1980 में साढ़े सात बीघा जमीन में कालोनी बनाई थी। 172 लोगों को प्लाट बेचे गए थे। दुर्गानगर के सुरेश कुशवाह ने 200 गज का प्लाट 10 साल पहले टैंकर चालक मुकेश को बेचा था। तब से मुकेश प्लाट में टिनशेड डालकर रह रहा है। बताते हैं कि इस प्लाट को लेकर प्रकाश नरायन नामक व्यक्ति ने अपना दावा जताया। मुकेश का आरोप है कि उसे पता ही नहीं चला, अदालत के आदेश पर प्लाट को धारा 46 में कुर्क करने के आदेश भी हो गए। शुक्रवार की दोपहर दो बजे प्रशासनिक टीम ने प्लाट में ताला डालकर सील लगा दी, जबकि मुकेश की तीन बेटियां घर के अंदर ही बंद रह गईं।
शोर मचाने पर उन्हें पड़ोसियों ने बाहर निकाला। प्रशासन की इस कार्रवाई से कालोनी के लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। दर्जनों महिलाओं ने हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। एक घंटे तक जाम लगा रहा। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सीओ छत्ता बीएस त्यागी और एसीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वे लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे। इसी बीच पुलिस ने महिलाओं पर लाठीचार्ज कर दिया। मुकेश और उसके घरवालों को लाठियों से पीटा। मुकेश की पुत्री कविता लाठी लगने से घायल हो गई। पुलिस ने मुकेश समेत चार लोगों को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया। सीओ छत्ता का कहना है कि एसीएम द्वितीय अरुण कुमार ने विवादित प्लाट को कुर्क करने के आदेश दिए थे। इसी आदेश पर कार्रवाई की गई है। लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और जाम लगाया। चार लोगों को पकड़ा गया है।