नाई की मंडी के नाला चून पचान में गुटका और बीड़ी के रुपयेे मांगने पर सोमवार रात को दो पक्षों मेें हुई मारपीट ने मंगलवार को संघर्ष का रूप ले लिया। दोनों पक्षों की ओर से पथराव हुआ। घरों में घुसकर तोड़फोड़ के बाद आगजनी की गई। लोगों ने बमुश्किल जान बचाई। तकरीबन एक घंटे तक बवाल चलता रहा। बाद में आई फोर्स को देख बवाली भाग गए। एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। फोर्स तैनात कर दी गई है।
नाला चून पचान में वाल्मीकि समाज के अनिल का पान मसाला का खोखा है। सोमवार रात को तकरीबन 9:30 बजे महावीर के बेटे बृजेश, अमर व प्रमोद प्रजापति खोखे पर आए थे। उन्होंने गुटका और बीड़ी खरीदी। अनिल के बेटे राजा ने उनसे रुपये मांगे तो उक्त लोगों ने गालीगलौज की। इस पर उनमें मारपीट हो गई। बाद में दोनों पक्षों के लोग एकजुट हो गए। मौके पर आई थाना नाई की मंडी पुलिस ने दोनों पक्षों के तोताराम और बृजमोहन को पकड़ लिया। अन्य आरोपी भाग निकले। मंगलवार सुबह तकरीबन नौ बजे दोनों पक्षों के लोग फिर आमने-सामने आ गए। एक-दूसरे के घरों पर ईंट-पत्थर फेंकने लगे। कई लोगों को पत्थर लगे। बवालियों ने अनिल का खोखा और एक रिक्शा नाले में फेंक दिया। महेंद्र वाल्मीकि के गोदाम के बाहर कबाड़ में आग लगा दी। शिवकुमार के घर में घुसकर मारपीट की और बाइक तोड़ दी। विनोद के घर में घुसकर टीवी तोड़ डाली। इससे महिलाओं में चीखपुकार मच गई।
सूचना पर थाना एमएम गेट और नाई की मंडी की फोर्स पहुंच गई। ये देख बवाली भाग गए। पुलिस ने घरों में दबिश दी, लेकिन महिलाएं ही मिलीं। अनिल की बहू कंचन ने प्यारे के बेटे, रामवती पत्नी महावीर, बृजेश और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसओ नाई की मंडी उत्तम चंद ने बताया कि महावीर के बेटों और अनिल पक्ष में विवाद हुआ था। आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है। उधर, क्षेत्र की महिलाओं ने लूटपाट का भी आरोप लगाया है।