आगरा में प्रॉपर्टी डीलर बबलू यादव के हत्यारों का सुराग देने वालों को 25 हजार रुपये का ईनाम दिया जाएगा। इसकी घोषणा एसएसपी अमित पाठक ने की है। मामले में पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा पाई है जबकि हत्या के बाद भागते हुए बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे। बबलू के परिवारीजन मंगलवा को एसएसपी से उनके दफ्तर में मिले थे।
सिकंदरा के ककरैठा निवासी बबलू यादव की हत्या 15 दिसंबर, 2018 को होली पब्लिक स्कूल, सिकंदरा के सामने हुई थी। दो बाइक सवार हत्यारों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी। स्कूल और आसपास के कई सीसीटीवी कैमरों में बदमाश नजर आ रहे थे।
पुलिस ने शुरू में खुलासे के लिए प्रयास किया लेकिन बाद में धीरे-धीरे मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब तो इसका जिक्र तक नहीं करती पुलिस। इससे आहत होकर बबलू के परिवारीजन एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। परिवार ने कुछ लोगों पर शक जाहिर किया था, उन्हें पुलिस ने लंबी पूछताछ के बाद क्लीनचिट दे दी। पुलिस को कोई और लाइन भी नहीं मिली।
यादव समाज के लोगों ने किया था प्रदर्शन
बबलू के परिजनों, ककरैठा गांव के लोगों और यादव समाज के लोगों ने एसएसपी ऑफिस पर कई बार धरना प्रदर्शन किया। उस दौरान कई नेता भी पहुंचे थे। एक एमएलसी ने धरना समाप्त कराया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि सात दिन में पुलिस कोई न कोई सुराग लगा लेगी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। न तो खुलासा हुआ और न ही एमएलसी के फिर दर्शन हुए।
ग्रोवर दंपती केस की तरह न लग जाए एफआर
ककरैठा गांव के लोगों का कहना है कि हत्यारे जो भी हों, पकड़े जाने चाहिए। डर इस बात का है कि जैसे खंदारी में हुए ग्रोवर दंपती हत्याकांड में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी, वैसे ही बबलू हत्याकांड की फाइल भी हमेशा के लिए बंद न कर दी जाए।