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कालका एक्सप्रेस में डकैती

Thu, 20 Aug 2015 01:39 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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महाराष्ट्र के सांई नगर से कालका (हिमाचल प्रदेश) जा रही ‘कालका’ एक्सप्रेस के तीन कोच में बुधवार तड़के सवा चार बजे मुरैना-धौलपुर के बीच 25 बदमाशों ने तीन कोच में 45 मिनट तक जमकर लूटपाट की। महिला यात्रियों से गहने लूटे और पुरुषों से पर्स। विरोध करने पर कई यात्रियों की पिटाई की। इसके बाद हेतमपुर स्टेशन के पास चेन पुलिंग कर ट्रेन रुकवाकर उतर गए। फिर ट्रेन पर पथराव किया, जिसमें छह यात्री घायल हो गए। इतनी संगीन वारदात हो जाने के बावजूद जीआरपी और आरपीएफ नहीं पहुंची। सुबह छह बजे ट्रेन के आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंचने पर जब यात्रियों ने हंगामा किया तब जीआरपी हरकत में आई।  
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कालका एक्सप्रेस के कोच संख्या एस-2 में फरीदाबाद निवासी मधु जायसवाल और रीता जायसवाल अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थीं। ट्रेन ग्वालियर से चली तो मुरैना के आगे सांक स्टेशन पर सुबह सवा चार बजे पहुंची। यहां पर 25 बदमाश कोच में वेंडर बनकर घुस आए। इसके बाद एस-1 से लेकर एस-3 कोच में फैल गए। आते ही यात्रियों से छीनाझपटी शुरू कर दी। किसी की चेन तोड़ी तो किसी का पर्स छीना।
मधु और रीता ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की। इनके साथ यात्रा कर रही एक युवती को अपने साथ खींचकर ले जाने लगे, लेकिन अन्य यात्रियों ने युवती को बदमाशों से मुक्त करा लिया। ट्रेन जैसे ही चंबल पुल पार कर हेतमपुर स्टेशन पर पहुंची, वैसे ही बदमाशों ने चेन पुलिंग कर गाड़ी को रोक दिया। इन्होंने ट्रेन से उतरते ही पथराव शुरू कर दिया। तीन कोच के यात्री घायल हो गए। सबसे ज्यादा चोट कोच संख्या एस-1 में यात्रा कर रहे दिल्ली निवासी तिलक राज, राजीव, मीना व कंचन को आई। इनके सिर में गहरी चोट आई। करीब एक घंटा तक चले घटनाक्रम के बाद भी मुरैना और धौलपुर से न तो जीआरपी पहुंची और न ही आरपीएफ।
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अफसरों की घोर लापरवाही
कालका एक्सप्रेस बुधवार की सुबह 6:05 बजे आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर आ आई। यहां पर पीड़ितों ने आक्रोश जताया। ट्रेन के गार्ड ने स्टेशन प्रबंधक, डिप्टी एसएस, रेलवे कंट्रोल रूम, जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दे दी, लेकिन कोई अफसर स्टेशन पर नहीं पहुंचा। मामला बढ़ता देख जीआरपी के कुछ सिपाही आए। उन्होंने ट्रेन को आगे रवाना करने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ितों ने ट्रेन नहीं चलने दी। जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। जबकि चलित एफआईआर कराने के आदेश हैं। जब मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो 7:10 बजे ट्रेन को आगरा से रवाना किया।
कहां गया स्क्वाएड
आगरा। सुरक्षा के तमाम दावे करने वाली जीआरपी और आरपीएफ की पोल कालका एक्सप्रेस के तीन कोच में लाखों की लूट के बाद से खुल गई। गाड़ी में गश्त करने वाला स्क्वाएड कहां था, इनका जवाब जीआरपी-आरपीएफ किसी के पास नहीं। जब गाड़ी में आरपीएफ स्क्वाएड करती है, तो शातिरों ने लूटपाट कैसे की? जब बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के बाद चेन पुलिंग की, तो सुरक्षा में तैनात सिपाहियों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की।
वेंडर बनकर आए बदमाश
पीड़ित यात्रियों ने बताया कि सांक स्टेशन से ट्रेन में चढ़े ये बदमाश वेंडर बनकर आए। किसी के हाथ में मूंगफली तो किसी के हाथ में कोल्ड ड्रिंक, तो किसी के हाथ में चिप्स और बिस्कुट की टोकरी थी। इन्होंने पहले तो इन तीन कोच की रेकी की। बाद में वारदात को अंजाम दिया।
डाक्टरों की टीम ने घायलों का किया उपचार
सुबह जब ट्रेन स्टेशन पहुंची तो गार्ड ने रेलवे को सूचित किया। रेलवे अस्पताल के डाक्टरों को सूचना दी गई। फौरन टीम ने घायलों का इलाज किया। उन्हें दवाएं दीं।
 मामला बहुत गंभीर है। यह आगरा अनुभाग की घटना न होकर धौलपुर-मुरैना के बीच की है। पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। अगर जीआरपी की ओर से कोई लापरवाही बरती गई होगी, तो जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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- गोपेश खन्ना, एसपी जीआरपी
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