एटा के नगला काजी में बदमाशों ने गुरुवार रात को तीन घरों में डाका डाला। भागते समय महिला और उसके बेटे ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया तो बदमाशों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी।
वहीं मृतक युवक की चचेरी बहन गोली लगने से घायल हो गई। तीन घरों से लाखों की डकैती करने के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए। मामले की जानकारी पर अलीगढ़ रेंज के आईजी और एसएसपी मौके पर पहुंच गए।
बताया गया है कि एटा में थाना सकीट क्षेत्र के गांव नगला काजी में देर रात आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने सबसे पहले पुष्पेंद्र पुत्र जोत सिंह के घर में घुसे और डेढ़ लाख रुपये की नकदी और साढ़े चार लाख रुपये के आभूषण चोरी कर लिए।
मौके पर पहुंची पुलिस
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इसके बाद बदमाशों ने पड़ोस के नरेंद्र के घर पर धावा बोला। यहां से भी बदमाशों ने हजारों रुपये की नकदी और आभूषण साफ कर लिए। इसके बाद बदमाशों ने सैनिक पुरुषोत्तम के घर में धावा बोला। यहां लूट करने के बाद बदमाश भाग रहे थे लेकिन आवाज होने पर लाड़वती और उसका बेटा विश्व प्रताप जाग गए। दोनों ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया।
इस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली लगने से लाड़वती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं विश्वप्रताप और उसके चचेरी बहन रीना गंभीर रूप से घायल हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर ग्रामीणों में भी जगार हो गई। ग्रामीणों ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन बदमाश फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
आनन-फानन में ग्रामीणों ने विश्व प्रताप और रीना को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। विश्व प्रताप को आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। सूचना पर अलीगढ़ रेंज के आईजी डॉ. संजीव गुप्ता और एसएसपी अखिलेश कुमार चौरसिया मौके पर पहुंच गए।
बहन की शादी को जुटाए थे रुपये-आभूषण
एटा के नगला काजी में डकैती की घटना में बदमाशों ने सबसे पहले शादी वाला पुष्पेंद्र के घर को निशाना बनाया। यहां से बदमाश शादी के लिए रखे डेढ़ लाख रुपये और करीब साढे़ चार लाख रुपये के आभूषण लूट कर ले गए। वारदात के बाद पुष्पेंद्र और उसके परिवारीजन सकते में है।
डकैती कर पीड़ितों के घर से लेकर गए बक्से सुबह तालाब के किनारे मिले। घटना के बाद गांव के लोग खेतों की ओर गए तो उन्हें तालाब किनारे खाली बक्से पड़े मिले। ग्रामीणों का कहना है कि डकैती के बाद बदमाश तालाब किनारे रुके और सामान समेटा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस सक्रिय हो जाती तो बदमाशों का आसानी से पकड़ा जा सकता था।