आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मंगलवार रात चार घंटों के भीतर दो सनसनीखेज वारदात हुईं। पहले 11:30 बजे डौकी के पास वाजिदपुर में रोड होल्डअप हुई। आठ-दस बदमाशों ने मैनपुरी के कार सवार तीन लोगों से पांच हजार कैश और तीन मोबाइल फोन लूट लिए।
इसके बाद रात 3:30 बजे फतेहाबाद में टोल प्लाजा पर रोड होल्डअप का प्रयास किया गया लेकिन अचानक कई गाड़ियां आ जाने के चलते बदमाश डरकर भाग गए। डौकी में पांच दिन के भीतर यह दूसरी वारदात है। इससे पहले 23 जून को लूट हुई थी।
मंगलवार की रात दिल्ली में हलवाई का करने वाले मैनपुरी के करहल के सचिन गुप्ता, ड्राइवर आशीष के साथ वैगन आर कार से दिल्ली से घर जा रहे थे। साथ में करहल का ही जमील भी था। वाजिदपुर के पास सड़क पर भारी पत्थर पड़े थे। जैसे ही आशीष ने कार रोकी, वैसे ही आठ-दस बदमाशों ने घेर लिया। बदमाशों ने तीनों से उनके मोबाइल फोन और सचिन से पांच हजार रुपये लूट लिए।
सचिन ने बताया कि डौकी से फतेहाबाद तक के 40 किलोमीटर क्षेत्र में एक भी सिपाही मौजूद नहीं था। उनकी सूचना पर डौकी और फतेहाबाद थाना से पुलिस आई। उधर, पुलिस जैसे ही मौका मुआयना करके लौटी, वैसे ही साढ़े तीन बजे फतेहाबाद टोल प्लाजा पर रोड होल्ड अप की कोशिश की सूचना आ गई। यहां भी बदमाशों ने सड़क पर पत्थर डाल रखे थे। वे लूट के लिए तैयार खड़े थे।
लेकिन अचानक आठ-दस गाड़ियां एक साथ आ गईं। यह देख बदमाश भाग गए। किसी ने फोन से पुलिस को सूचना दी। एसपी पूर्वी नित्यानंद कुमार, सीओ फतेहाबाद एके सिंह ने पहुंचकर पत्थर हटवाए। उधर, सचिन गुप्ता ने डौकी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी पूर्वी का कहना है कि बदमाशों की तलाश की जा रही है। गिरोह आस पास का हो सकता है।
डौकी में एक ही अंदाज में तीसरी वारदात
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डौकी में यह तीसरी वारदात है। पिछली घटना 23 जून की रात को हुई थी। गांव नगला बेहड़ के पास। कानपुर के शारदा नगर कल्याणपुर निवासी बैंक कैशियर रामेंद्र सहाय और उनके चालक से पांच हजार कैश और दो मोबाइल फोन लूटे गए थे। इस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है। इससे पहले आगरा के परिवार से लूट हुई थी। तीनों वारदात सड़क पर पत्थर डालकर की गई हैं। तीनों में कार सवार लोगों को लूटा गया है। तीनों में आठ-दस बदमाश रहे हैं।
सीएम के आदेश का नहीं हुआ असर
सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात मई को आगरा आए थे। जोन की अपराध समीक्षा मीटिंग में उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर वारदात नहीं होनी चाहिए। जरूरी है कि सुरक्षा व्यवस्था पर और ध्यान दिया जाए। इसका पुलिस पर असर नहीं हुआ। इसके बाद डीजीपी सुलखान सिंह 17 मई को जब आगरा आए, तब उन्होंने भी कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके बाद दो वारदात हो चुकी हैं।