फतेहपुर सीकरी के लाल दरवाजा में एक जनवरी की रात कब्र खोदकर महिला की लाश के साथ दुराचार का प्रयास करने के आरोपी राजेंद्र उर्फ रेंडा के परिवार का गांव के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। घंटों चली पंचायत के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि गुनाह रेंडा ने किया है, उसके परिवार को इसकी सजा देना ठीक नहीं, लेकिन पंचों ने उनकी एक न सुनी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी ने रेंडा की जमानत कराई तो इसी तरह उसके परिवार का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाएगा।
इससे पहले पंचायत के आयोजन पर भी विवाद चला। कई लोगों का कहना था कि इस मुद्दे पर पंचायत बुलाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रेंडा के परिवार ने उससे बहुत पहले नाता तोड़ रखा था। वे लोग इसकी पैरवी में भी नहीं आए। इसके बावजूद मंगलवार की रात आठ बजे मोहल्ला लाल दरवाजा की चौपाल पर पंचायत बुलाई गई।
कहा कि गांव में कोई भी परिवार रेंडा के परिवार से संबंध नहीं रखेगा। यदि इनको कोई अपने किसी कार्यक्रम में बुलाता है तो उसका भी पंचायत बहिष्कार करेगी। उधर, रेंडा के भाइयों का कहना है कि वे इस फैसले से बुरी तरह आहत हुए हैं।
कई घंटे चली पंचायत में मोहल्ले के सभासद प्रेमपाल सिंह, हाजी आजाद, हाजी अकबर, हाजी जसमाल, डा. चांद खां, सीकरी हिस्सा चार के प्रधान पुत्र महावीर वर्मा, गंगा लहरी, जगन सिंह, सभासद भूरा खां, मोहम्मद अली, इस्माइल खां मौजूद रहे। गौरतलब है कि सीकरी में एक जनवरी की रात यह घटना हुई थी। इसके अगले दिन ही रेंडा को गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने कहा, जानकारी नहीं
फतेहपुर सीकरी। पंचायत के बारे में फतेहपुर सीकरी थाना के प्रभारी लोकेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर किसी ने कानून हाथ में लेने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेंडा जेल जा चुका है, उस पर एनएसए की तैयारी भी चल रही है। ऐसे में लोग खुद फैसला न सुनाएं, कानून को अपना काम करने दें।