रामू लोधी मुठभेड़ कांड विधानसभा चुनाव में गुल खिला सकता है। राजनीति दलों ने इसे मुद्दा बनाने की तैयारी कर ली है। विपक्ष के नेताओं का प्लान रामू को इंसाफ दिलाने के बहाने सरकार को निशाने पर लेने का है। उधर पुलिस रामू को लुटेरा और मुठभेड़ को असली साबित करने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
फतेहपुर सीकरी के रामू लोधी की आठ दिसंबर को गोली लगने से मौत मथुरा में हुई थी। इस मामले में दो बार आईजी आफिस पर प्रदर्शन हो चुका है। इसमें भाजपा, बसपा और रालोद के नेता शामिल रहे। भाजपा से सांसद बाबूलाल भी आए । पुलिस ने रामू को लुटेरा साबित करने में पूरी ताकत लगा दी। दूसरी ओर भाजपा नेता पंचायत बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि सपा के कई नेता भी रामू लोधी के परिवार के साथ हैं लेकिन भाजपा और बसपा की तैयारी सपा सरकार को ही निशाने पर लेने की लग रही है।
ऐसे में यह मामला चुनाव में गुल खिला सकता है। जनपद में फतेहपुर सीकरी, बाह और आगरा ग्रामीण विधान क्षेत्र में लोधी समाज के वोटरों की हार जीत में अच्छी खासी भूमिका होती है। मथुरा में भी लोधी समाज के काफी लोग हैं। उधर, भाजपा नेता राजकुमार चाहर का कहना है कि मामला दबने वाला नहीं है । जल्द ही मीटिंग बुलाकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। सीबीआई जांच के लिए केंद्र के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की जाएगी।
पुलिस वालों पर रिपोर्ट होने तक लड़ेंगे लड़ाई
मथुरा। रामू के पिता प्रेम सिंह ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। परिवारीजन अदालत का भी दरवाजा खटखटाएंगे। मानवाधिकार आयोग में भी गुहार लगाई जा रही है। उनका कहना है कि रामू की हत्या तीन पुलिसवालों ने की है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने तक संघर्ष जारी रहेगा।