सराफा डबल मर्डर एवं लूटपाट में मथुरा की स्वाट टीम ने बुलंदशहर में कई जगह दबिश दी। यह दबिशें उन बदमाशों को पकड़ने के लिए दी गई है, जो वारदात के दौरान सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं। पुलिस उनके ठिकानों तक तो पहुंच गई पर बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े।
15 मई को कोयला गली में दो सराफों की हत्या करके चार करोड़ की लूट को अंजाम देने वाले आधा दर्जन बदमाशों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। वहीं, स्वाट टीम सीसीटीवी फुटेज एवं सर्विंलास से मिली लोकेशन के आधार सोमवार की रात वारदात में शामिल बदमाश सौरभ और रूपेश को ढूंढने बुलंदशहर पहुंची।
यहां पर बदमाशों के ठिकाने पर दबिशें दी गईं, पर स्वाट टीम के हाथ कोई नहीं लगा। स्वाट टीम ने सीसीटीवी फुटेज दिखाकर आसपास के लोगों से उनके सही नाम की जानकारी जुटाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह बदमाश भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
इस वारदात में तीन बाहर के बदमाश बताए जा रहे थे, जो कि रंगा के बुलावे पर यहां आए थे। इनमें दो बदमाशों के नाम प्रकाश में आए थे। सौरभ और रुपेश के अलावा एक बदमाश और बताया जा रहा है। इन्हीं बदमाशों के पास लूटा गया सोना बताया जा रहा है।
इधर, सराफ मयंक अग्रवाल की हालत में सुधार हो रहा है। मंगलवार को डाक्टरों ने उसका एक और ऑपरेशन किया। डाक्टरों ने उसके पेट से एक गोली और निकाली है। हालांकि अभी तक उसके शरीर पर सूजन है। मयंक के मामा डा. अशोक अग्रवाल ने बताया कि उसकी हालत में सुधार हो रहा है।