शहर के प्रमुख बिल्डर गायत्री और निखिल के डायरेक्टरों के खिलाफ बुधवार को पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लोगों के करोड़ों हड़पने के आरोप में बिल्डरों के घरों पर दबिश दी गई। हालांकि कार्रवाई की भनक उन्हें पहले से होने के कारण वह फरार हो गए।
पुलिस को सिर्फ घरों पर ताले ही लटके मिले। पुलिस ने घरों पर नोटिस चस्पा किया। इसके साथ पड़ोसियों और चौकीदारों को बिल्डरों पर दर्ज मुकदमों की जानकारी दी गई। बिल्डरों की गिरफ्तारी न होने से चर्चा रही कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति के लिए ही हुई।
बता दें, डीजीपी सुलखान सिंह के आदेश पर पूरे प्रदेश में भू माफिया, धोखाधड़ी के आरोपी बिल्डर और दबंगों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह बुधवार को कार्रवाई की गई। सीओ हरीपर्वत एएसपी हरीपर्वत श्लोक कुमार, ट्रेनी आईपीएस अपर्णा गुप्ता, सीओ कोतवाली सत्यम ने थाना हरीपर्वत, थाना न्यू आगरा, महिला थाना की पुलिस के साथ दबिश दी। दोपहर तकरीबन दो बजे टीम निखिल होम्स के डायरेक्टर शैलेंद्र अग्रवाल के निर्भय नगर, गैलाना रोड स्थित कोठी पर गईं। मगर, कोई नहीं मिला। इस पर नोटिस चस्पा कर दिया गया।
आसपास के लोगों से भी बिल्डर के बारे में पूछताछ की गई। उन्हें बताया कि शैलेंद्र अग्रवाल ने कई लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं। उस पर 27 मामले दर्ज हैं। कुछ कोर्ट में विचाराधीन हैं तो कुछ में जांच चल रही है। उनके खिलाफ वारंट जारी हो गए हैं। इसके बाद पुलिस गायत्री डेवलपवेल के हरिओम दीक्षित के सूर्य नगर स्थित विभव अपार्टमेंट में दबिश दी।
मगर, यहां भी पुलिस को खाली ही रहना पड़ा। इस पर पुलिस ने नोटिस चस्पा किया। चौकीदार को बताया गया है कि हरिओम दीक्षित के आते ही पुलिस को सूचना दी जाए। वह अपराधी है। उनके खिलाफ कई मुकदमे हैं। उसने लोगों की करोड़ों की रकम हड़प ली है। यहां भी बिल्डर के पड़ोस में रहने वाले लोगों को उसकी धोखाधड़ी की जानकारी दी गई। एएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि भू माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का मकसद यह भी है कि आरोपी बिल्डर अपराधी हैं। इस बात की जानकारी उनके आसपास के लोगों को भी होनी चाहिए।