अधिवक्ता प्रवीण गुलाटी की पत्नी और बेटी की हत्या के विरोध में अधिवक्ताओं
का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। सड़क पर उतरे वकीलों ने दीवानी चौराहे पर
जाम लगाकर जमकर बवाल किया। कई वाहनों में तोड़फोड़ की और एक केनोपी में आग
लगा दी। डेढ़ घंटे तक एमजी रोड पर जाम लगा रहा, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं
पहुंची। अधिवक्ताओं ने गुरुवार को भी हड़ताल का एलान किया है। खुलासे के
लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उधर, इतना बवाल हो जाने के बावजूद पुलिस
प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
दोहरे हत्याकांड के विरोध में अधिवक्ताओं ने बुधवार को कार्य बहिष्कार
करके सुबह 11 बजे बार हॉल में बैठक की। इसके बाद दीवानी चौराहे पर पहुंच
गए। अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस
प्रशासन मुर्दाबाद और एसएसपी होश में आओ के नारे लगाए। दोपहर 12 बजे जाम
लगा दिया। कुछ आटो चालकों ने निकलने की कोशिश की तो गुस्साए वकीलों ने उनके
टैंपों में तोड़फोड़ कर डाली। एक निजी बस के शीशे भी चकनाचूर कर दिए।
वकीलों
का रुख देखकर एमजी रोड पर अफरा तफरी मच गई। वाहन चालकों ने पीछे की ओर
लौटने की कोशिश की मगर जाम लग चुका था। तकरीबन डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा।
इसी बीच युवा अधिवक्ताओं ने एक मोबाइल कंपनी की एक कैनोपी में आग लगा दी।
वकीलों ने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे में खुलासा नहीं हुआ तो डीएम और
एसएसपी का घेराव करेंगे।
इस दौरान ग्रेटर बार के अध्यक्ष सुरेंद्र
लाखन, कलेक्ट्रेट बार के लोकेंद्र शर्मा, मनीष कुमार सिंह, अचल शर्मा, अरुण
सोलंकी, जनपद बार के गजेंद्र शर्मा, अंबेडकर बार के ओपी सिंह, अरुण पचौरी,
हेमंत भारद्वाज आदि शामिल थे। इनके अलावा रामदत्त दिवाकर, राजेंद्र गुप्ता
धीरज, अजय चौधरी, एसपी भारद्वाज, हीरेंद्र गुप्ता, प्रवीन गौतम, संजय
कप्तान, वीएस फौजदार, नरेंद्र शर्मा, लक्ष्मीकांत लवानिया, बबीता शर्मा,
अंजू रानी, सुनीता सिंह, पुष्पलता शर्मा, लक्ष्मी लवानिया आदि मौैजूद रहीं।
उधर, बाह और किरावली में भी वकील हड़ताल पर रहे। बार एसोसिएशन बाह ने
शोकसभा की। वकीलों ने हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में
बार अध्यक्ष मचल सिंह तोमर, राम नरायण श्रीवास्तव, अवध नारायण शर्मा,
उमाशंकर शर्मा, रवीकांत मिश्रा, जमीर हुसैन, गिरिजेश भदौरिया आदि मौजूद
रहे।