दीवानी में पेशी के बाद बंदी वकील उर्फ जफरुद्दीन ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। उसने सिपाही पर तमंचा तान दिया। इसके बाद गेट नंबर एक की ओर दौड़ लगा दी। पीएसी की गारद में तैनात सिपाहियों और एक अधिवक्ता ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। बंदी के खिलाफ थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
ताजगंज की गोबर चौकी निवासी जफरुद्दीन पुत्र नूरउद्दीन थाना रकाबगंज से गैंगेस्टर मामले में जेल भेजा गया था। गुरुवार दोपहर 12 बजे उसे गैंगेस्टर कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस दौरान उससे एक महिला मिलने आई, जोकि उसकी पत्नी बताई जा रही है। उसके जाने के कुछ देर बाद बीच रास्ते मेें जफरुद्दीन ने तमंचा निकाल लिया। इसके बाद सिपाही पर तमंचा तानकर गोली मारने की धमकी दी। उसने दीवानी के गेट नंबर एक की ओर दौड़ लगा दी। इससे पुलिस कर्मियों मेें हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी पीछे दौड़ पड़े। दीवानी में गारद में तैनात पीएसी के हेड कांस्टेबल प्यारेलाल, सिपाही रामबाबू, कृष्ण गोपाल और अधिवक्ता बीपी सिंह ने बंदी को भागता देखकर घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। जफरुद्दीन ने उनसे छूटने का प्रयास किया, लेकिन सिपाही ने उसका तमंचा कब्जे में लेकर उसे काबू में कर लिया। पुलिस ने उसकी जमकर पिटाई लगाने के बाद हवालात में डाल दिया।
पोटली में लाई थी तमंचा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला ने सिपाही से कहा था कि वह जफरुद्दीन के लिए खाना लेकर आई है। इस पर उसने उसे पोटली पकड़ा दी थी। उसी में तमंचा रखा था।
लापरवाही भी उजागर
दीवानी से बंदियों के भागने की कई बार घटनाएं हो चुकी है। इसके बावजूद लापरवाही जारी है। बंदियों से उनके परिवारीजन मिलने आते हैं। उन पर कोई रोक नहीं है।
तमंचे में नहीं था कारतूस
पुलिस ने बताया कि बंदी जफरुद्दीन ने हाथों में तमंचा छिपा लिया था। हालांकि उसमें कोई कारतूस नहीं मिला है। महिला की तलाश की जा रही है।