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प्रदीप यादव को मिलेगा बहादुरी का इनाम

Tue, 26 Jul 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
घायल सिपाही प्रदीप यादव - फोटो : अमर उजाला
टेढ़ी बगिया मुठभेड़ में बदमाशों का सामना करते हुए गोली लगने से घायल सिपाही प्रदीप यादव की बहादुरों को तमाम अफसरों ने सलाम किया है। उसके अदम्य साहस को गैलेंट्री अवार्ड दिलाने के लिए फाइल बनाकर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी। इसके अलावा एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह उसे डीजीपी से बहादुरी सम्मान दिलाने के लिए फाइल भेजेंगे। 

सिपाही प्रदीप यादव को 15 अगस्त को पुलिस लाइन में समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। बता दें, गोली लगने के बाद भी उसने बदमाशों का पीछा किया था। उसकी बहादुरी की बदौलत ही तीन बदमाश गिरफ्तार किए जा सके। प्रदीप मूल रूप से मैनपुरी के रहने वाले हैं। 2011 बैच के सिपाही हैं।
आपरेशन में सिपाही की आंत निकाली गईं
हास्पिटल में भर्ती घायल सिपाही प्रदीप यादव की हालत भले ही खतरे से बाहर हो लेकिन उसकी आंतों में संक्रमण फैल गया है। डाक्टरों ने ऑपरेशन करके बड़ी आंत को निकाल दिया है। इसकी जगह कृत्रिम आंत लगाई है। तीन महीने बाद परीक्षण किया जाएगा।



100 फुटा रोड पर किराए पर रह रहे थे बदमाश
आगरा। गिरफ्तार बदमाश राहुल उर्फ रवि  निवासी भीमनगर, फीरोजाबाद, अर्जुन यादव  निवासी खेड़ा, टूंडला, फीरोजाबाद, रिंकू निवासी नंगला छिद्दा , हरिपर्वत, आगरा
और कल्लू उर्फ अजय , लंगड़े की चौकी, आगरा में से पुलिस ने घायल अर्जुन को छोड़कर तीनों को कोर्ट के सामने पेश किया। वहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि अर्जुुन हिरासत में है। उसका उपचार चल रहा है। बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि वे 100 फुटा रोड पर काफी दिनों से एक मकान में किराए पर रह रहे थे। कुछ दिन पहले ही जेल से छूटकर आए हैं। राहुल गैंग लीडर है। उस पर 25 केस हैं। फीरोजाबाद के दक्षिण थाना का हिस्ट्रीशीटर है। रिवाल्वर लूट में भी जेल जा चुका है।

टेढ़ी बगिया मुठभेड़ : पुलिस से जवाब तलब

टेढ़ी बगिया के 100 फुटा रोड पर रविवार रात आठ बजे हुई मुठभेड़ में शामिल रहे पुलिसवालों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने उनसे जवाब तलब कर लिया है। उनसे पूछा है कि बगैर किसी तैयारी के दबिश देने क्यों गए? सबसे ज्यादा नाराजगी थानों में बनाई एसओजी पर थी। सवाल यह भी है कि पुलिस टीम ने दबिश से पहले अधिकारियों को जानकारी क्यों नहीं दी?
मुठभेड़ में हरीपर्वत थाना पर तैनात सिपाही प्रदीप यादव के पेट में गोली लगी थी। जवाबी फायरिंग में बदमाश अर्जुन यादव घायल हुआ था। उसकी जांघ में गोली लगी थी। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने बाद में घेराबंदी करके अर्जुन यादव के अलावा उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया था।
अमर उजाला ने सोमवार 25 जुलाई के अंक में मुठभेड़ में बरती गई लापरवाही पर ‘अधूरी तैयारी पड़ी पुलिस को भारी’ खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। इसे डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने गंभीरता से लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्होंने हरीपर्वत और एत्माद्दौला थाना पुलिस से जवाब तलब किया है। बता दें, दबिश के लिए सिर्फ पांच पुलिस वाले गए थे।
उन्होंने बुलेट प्रुफ जैकेट और हेलमेट भी नहीं पहने थे। मुठभेड़ के सुनहरी लाल के घर के अंदर हुई। उनके परिवार की जान खतरे में पड़ गई थी। यह जानकारी भी आई कि दबिश के लिए थानों में बनाई गई एसओजी गई थी।
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