कमला नगर निवासी इंटीरियर डिजाइनर संजय अग्रवाल के अपहृत इकलौते बेटे बिट्टू की तलाश में लगीं पुलिस की टीमें हिम्मत हारती नजर आ रही हैं। आठ दिन में बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अपहरण करने वाला गैंग तक ट्रेस नहीं हुआ। पुलिस को समझ नहीं आ रहा कि बरामदगी के लिए प्रयास कैसे किए जाएं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो दिनों से कहीं भी दबिश नहीं दी गई है।
इससे पहले टीमें आसपास के जनपदों के साथ ही बीहड़ में दबिश दे रही थीं। अपहरण में सक्रिय गिरोह के बारे में पड़ताल की जा रही थी। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर बिट्टू के पोस्टर भी लगवाए जा रहे थे लेकिन कहीं से भी कोई नतीजा नहीं निकला। सूत्रों की मानें तो बिट्टू के परिवार की तरह पुलिस भी अब अपहरणकर्ताओं का फोन आने का इंतजार कर रही है। हालांकि अधिकारी अभी भी यही कह रहे हैं कि बिट्टू की तलाश लगातार जारी है लेकिन साफ लग रहा है कि जैसी तेजी शुरू में थी, वैसी अब बिल्कुल भी नहीं है। उधर, बिट्टू का परिवार भी पुलिस से संपर्क नहीं कर रहा है। पहले ये लोग रोजाना सुबह शाम पुलिस से बात कर रहे थे।
आठ दिन बाद भी खाली हाथ
बिट्टू के आठ दोस्तों से लंबी पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिल सका।
अपहरणकर्ताओं की बताई जा रही वैन सीसीटीवी में नजर आई लेकिन इसका नंबर नहीं दिखा।
बिट्टू के पिता के मोबाइल पर किए गए फोन से भी कोई जानकारी नहीं मिली।
बिट्टू के मोबाइल की कॉल डिटेल से भी कोई सुराग नहीं निकला।