पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रतिमा का फोटो तो देखा, लेकिन यह ध्यान नहीं
दिया कि यमुना किराने रोड पर पेड़ के नीचे स्थापित यह प्रतिमा अब खंडित
नहीं है। इसे आठ महीने पहले ही ठीक कराकर पूजा अर्चना शुरू कर दी गई। सुबह
दस बजे पहुंची पुलिस टीम ने टोरंट के मजदूर बुलाए और उनसे कहा कि प्रतिमा
को यहां से हटाकर यमुना में विसर्जित करना है। मजदूरों के पूरा जोर लगाने
पर प्रतिमा हिली तक नहीं, क्योंकि यह फर्श के साथ सीमेंट से जुड़ी थी।
पुलिस ने पत्थर तोड़ने की मशीन मंगाई और फर्श पर चलवा दिया। इस कोशिश में
प्रतिमा खंडित हो गई। इस बीच वहां जमा हुए लोग पुलिस से प्रतिमा हटाए जाने
पर सवाल करने लगे तो पुलिसवाले घबरा गए। उनसे कहा कि यह पहले से खंडित थी।
लोगों ने बताया कि खंडित तो आठ महीने पहले थी। इसके बाद ठीक कराकर पूजा
अर्चना की जा रही थी। क्षेत्रीय निवासी संजीव ने बताया कि वह भी यहां रोज
पूजा के लिए आते हैं। इससे दबाव में आई पुलिस टीम ने प्रतिमा ठीक कराई। सीओ
छत्ता ने बताया कि प्रतिमा खंडित थी। उसे ठीक कराने के लिए पुलिस भेजी गई
थी।