आगरा में 10वीं के छात्र के यौन शोषण केस में फरार चल रही ट्यूटर बहनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तरफ से कोई प्रयास ही नहीं किया जा रहा है। माना जा रहा है कि ढिलाई बरतकर उन्हें सरेंडर करने का मौका दिया जा रहा है। पुलिस का उनकी तरफ रवैया अचानक से नरम हो गया है।
उनके घर तक पर दबिश नहीं दी जा रही है। दो दिन पहले सूचना आई थी कि वे अपने रिश्तेदार के यहां छिपी हैं। वहां भी पुलिस नहीं गई। परिवार के लोग उन्हें सरेंडर कराने की तैयारी में है। पुलिस सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि उनके घर की तलाशी के दौरान ही पुलिस को उनके मोबाइल फोन मिल गए थे।
एक मोबाइल वाइवो का है। दूसरा एप्पल का आईफोन सेवन है। दोनों में मुकदमे से संबंधित काफी साक्ष्य बताए जा रहे हैं। जिस छात्र के पिता ने यह केस दर्ज कराया है, उसके भी कई फोटो हैं। इनके अलावा पांच और छात्रों के फोटो हैं।
सभी अश्लील हरकतें करते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने इन्हें अभी तक विवेचना का हिस्सा ही नहीं बनाया है। हालांकि थाना प्रभारी निरीक्षक लगातार इससे इनकार कर रहे हैं कि मोबाइल बरामद हुए हैं। उनका कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास भी किए जा रहे हैं। वह अभी तक हाथ नहीं आई हैं।
तो छात्र पर हो जाएगा केस
पुलिस सूत्रों का यह भी कहना है कि फरार चल रही ट्यूटर बहनें यौन शोषण के पीड़ित छात्र के खिलाफ केस दर्ज करा सकती हैं। अगर पुलिस ने केस नहीं लिखा तो कोर्ट की शरण ले सकती हैं। उनके परिवारीजनों ने छात्र पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्र ने ही अश्लील हरकतें कीं। वह पढ़ाई में भी कमजोर था। उसे डांट दिया था। इसी पर उसने अपने पिता से कहकर रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपियों के परिवारीजन छात्र के खिलाफ साक्ष्य भी तलाश कर रहे हैं।
डिप्रेशन में छात्र, छूट रही पढ़ाई
इस केस का खुलासा हो जाने के बाद से पीड़ित छात्र डिप्रेशन में बताया जा रहा है। वह स्कूल भी नहीं जा रहा है। कोचिंग तो छूट ही गया है। उसके परिवार के नजदीकी लोगों ने बताया कि उसने दोस्तों से मिलना-जुलना भी छोड़ दिया है। पुलिस उससे दो बार पूछताछ कर चुकी है।