न्यू दक्षिणी बाईपास के कीठम मोड़ पर एआरटीओ की वाहन चेकिंग के दौरान रविवार सुबह एक पुलिसकर्मी के डंडा मारने से गांव जनूथा निवासी बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बाईपास पर छह घंटे तक जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस टीम के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराने, मुख्यमंत्री राहतकोष से मुआवजा देने, मृतक की पत्नी को नौकरी और आवास की मांग की। इनका आश्वासन मिलने के बाद शाम चार बजे जाम खोला गया।
युवक सत्यप्रकाश (25) पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी गांव जनूथा अरतौनी के पास ढाबे पर काम करता था। रविवार सुबह लगभग साढे़ दस बजे वह बाइक से न्यू दक्षिणी बाईपास होते हुए अपने गांव जा रहा था। कीठम गांव के नजदीक एआरटीओ की चेकिंग टीम में शामिल पुलिसकर्मी के डंडा मारने से युवक डिवाइडर से जा टकराया। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह देख खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने चेकिंग टीम को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन टीम भाग गई। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
उन्होंने बाईपास पर जाम लगा दिया। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की हाथापाई हो गई। ग्रामीण टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित अपनी मांगों को लेकर शव सड़क पर रखकर बैठ गए। पुलिस की मौजूदगी में मृतक के चाचा रामवीर न्यू दक्षिणी बाईपास से कीठम माइनर में कूद पड़े। आननफानन में पुलिस ने उन्हें बाहर निकाला। सीओ रविकांत पाराशर और एसडीएम निधि गुप्ता ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। डीएम, एसएसपी को ग्रामीणों ने बुलाने की मांग की। दोपहर तीन बजे एडीएम सिटी ने मौके पर पहुंचकर चेकिंग टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, मुख्यमंत्री राहतकोष से मुआवजा दिलाने, मृतक की पत्नी को आंगनबाड़ी में नौकरी और आवास दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। शाम को मृतक के भाई ने मुकदमा दर्ज कराया।