बिट्टू अपहरण कांड की जांच में नए सिरे से जुटी पुलिस ने अब उसके तमाम दोस्तों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली है। मालूम किया गया है कि कहीं उसके अपहरण के बाद किसी ने उससे फोन पर संपर्क तो नहीं किया। लेकिन इससे भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की टीम एटा, मथुरा के ढाबों और अस्पतालों में भी गई है। पुलिस अब दो बिन्दू पर काम कर रही है। एक तो उसका अपहरण हुआ। दूसरा, वह किसी कारण से खुद चला गया। अपहरण की लाइन पर उसके साथ कोचिंग में पढ़ने वाले उसके दोस्तों की कॉल डिटेल खंगाली गई है। इनसे जल्द ही पूछताछ भी की जा सकती है। हालांकि पहले भी एक बार सवाल जवाब हो चुके हैं। दूसरी लाइन पर पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसी में उसके अस्पताल और ढाबों में ढूंढा जा रहा है। हालांकि कहीं से भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। बता दें, उसका अपहरण पांच जनवरी को हुआ था।
लाश मिलते ही दौड़ पड़ता है परिवार
ये कैसी त्रासदी है। बिट्टू का परिवार रात दिन उसके सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है। लेकिन मन में अनहोनी की आशंका भी घर करती जा रही है। जहां भी 14-15 साल के किशोर की अज्ञात लाश मिलती है, ये लोग उसे देखने के लिए जाते हैं। ऐसी ही एक खबर मिलने पर ये लोग एटा पहुंच गए।
फेल हो गए सारे तांत्रिक
बिट्टू के पिता संजय अग्रवाल अभी तक 20 तांत्रिक बाबाओं से मिल चुके हैं। सभी कहते हैं कि बिट्टू जीवित है और जल्द वापस आएगा। किसी ने कहा दस दिन में आ जाएगा तो किसी ने 20 दिन लेकिन तीन महीने होने को आए, उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बिट्टू का परिवार अपने लाडले की तलाश में अभी तक तीन लाख से ज्यादा रुपये खर्च कर चुका है।
एएसपी से मिला परिवार
बिट्टू का परिवार मंगलवार को एएसपी अनुराग वत्स से मिला। उनसे अभी तक की जांच की प्रगति के बारे में जानकारी की। उन्हें कुछ लाइनें भी दीं काम करने के लिए। एएसपी ने बताया कि पुलिस की सभी टीमें लगातार इस केस पर काम कर रही हैं।
बिट्टू अपहरण कांड में पुलिस की टीमें नए सिरे से जांच पड़ताल कर रही हैं। अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है - सुशील घुले ( एसपी सिटी )