फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस से उठा विश्वास, बिट्टू के परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु

Tue, 23 Aug 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
‌ब‌िट्टू के प‌िता - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
विज्ञापन
बिट्टू को अगवा हुए 231 दिन बीत चुके हैं। पुलिस उसे ढूंढकर लाने के सिर्फ दावे ही करती रही लेकिन आज तक कुछ नहीं किया। यूपी पुलिस कभी भैंस ढूंढकर लाती है तो कभी सांसद का कुत्ता लेकिन अगवा बिट्टू को आखिर क्यों नहीं मुक्त करा पा रही है। मेरा बेटा वापस नहीं ला सकते हो तो परिवार सहित इच्छा मृत्यु की इजाजत दे दो। यह पीड़ा है संजय अग्रवाल की, जो अपने बेटे के लिए आंसू बहा रहे हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट पर धरने में उन्होंने अधिकारियों के सामने यही बात रखी लेकिन इस बार भी उन्हें मात्र आश्वासन ही मिला।
विज्ञापन

बता दें, सेंट पीटर्स कालेज के कक्षा नौ का छात्र बिट्टू पांच जनवरी को कोचिंग जाते समय अगवा कर लिया गया था। उसकी साइकिल श्रीजी गेस्ट हाउस के पास खड़ी मिली थी। इस मामले में आईजी से लेकर डीजीपी कार्यालय तक शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। बिट्टू की बरामदगी के लिए परिवारीजनों ने 21 मार्च को पैदल मार्च भी निकाला तो अधिकारियों ने नए सिरे से टीम गठित करने की बात कही थी लेकिप आठ महीने बाद भी बिट्टू बेसुराग है। पिता संजय अग्रवाल का कहना है कि पिछले पांच दिन से वह परिवार संग शहीद स्मारक पर धरना दे रहे थे। सोमवार को कलक्ट्रेट पर संजय, उनकी पत्नी रजनी और गरीब सेना के पदाधिकारियों ने धरना दिया। जानकारी पर एएसपी अनुराग वत्स उनके पास आए। उन्होंने नए सिरे जांच का आश्वासन दिया। बेटे की बरामदगी के लिए सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान को ज्ञापन भी सौंपा।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजा है पत्र
संजय अग्रवाल का कहना है कि पुलिस से उनका विश्वास उठ चुका है। मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजा था। इसके बावजूद उनके बेटे की बरामदगी नहीं हो सकी। प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन


अब तक की जांच का कोई पता नहीं चला
पुलिस हर बार नए सिरे से जांच करने का आश्वासन देकर परिवार को चुप बैठने की कहती है, लेकिन यह नहीं बताती है कि आखिर अब तक की जांच का क्या हुआ। परिवारीजनों का कहना है कि उन्हेें बताया जाए कि पुलिस ने आज तक क्या किया है।

भाई के लिए गोले का तिलक करके रखा
बहन अनु और खुशबू को रक्षाबंधन पर भाई के लौटने की आस थी लेकिन वह पूरे दिन राखी लेकर बैठी रहीं। आखिर में उन्होंने एक गोले पर तिलक किया और भगवान से प्रार्थना की कि उनका भाई जल्द वापस लौट आए।

सांसद के कुत्ते को ढूंढ सकते हैं तो उनका बेटा...
संजय अग्रवाल ने एएसपी से कहा कि पुलिस जब सांसद का कुत्ता ढूंढ सकती है तो उनका बेटा क्यों नहीं। कुत्ते को ढूंढने के लिए कई टीमें बनाई गईं। इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि कुत्ते को ढूंढने के लिए कोई टीम नहीं बनाई गई थी। इसको लेकर संजय की जमकर नोंकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें