आगरा में पुलिस ने महज सात घंटे में 192 वांछित और वारंटी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी बबलू कुमार के निर्देशन में पुलिस की 92 टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सभी को मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि वांछित और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाईं थी। आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुए थे। कई वांछित थे। उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इनमें हत्या, मानहानि, बलवा, मारपीट, जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं के आरोपी शामिल थे।
पुलिस ने 17 वांछित, 171 एनबीडब्ल्यू को गिरफ्तार किया। जगदीशपुरा क्षेत्र का मानहानि का आरोपी तीन साल से फरार चल रहा था। शारदा विहार, जगदीशपुरा निवासी नवल पुत्र दामोदर पर 2016 में मानहानि का केस दर्ज हुआ था।
वो कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा था। कोर्ट ने वारंट जारी किए। इसके बावजूद वो पेश नहीं हुआ। इस पर गैर जमानती वारंट जारी हो गए। बाद में कुर्की के भी आदेश हुए। पुलिस ने शनिवार रात को अभियान चलाया तो वह भी हाथ आ गया।
मेडिकल करने में डॉक्टरों के छूटे पसीने
पुलिस एक साथ 190 वारंटी और वांछित को गिरफ्तारी के बाद मेडिकल के लिए जिला अस्पताल में लेकर आई तो डॉक्टरों के भी पसीने छूट गए। बाद में एक डॉक्टर को अलग से लगाया गया। उधर, देरी होने पर अभियुक्तों ने भी हंगामा कर दिया। पुलिस ने उन्हें शांत किया। शाम छह बजे तक मेडिकल की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
शहर और देहात के अलग-अलग थानों में शनिवार और रविवार की सुबह पकड़े गए वारंटियों और वांछितों को पुलिस दोपहर में 12 बजे जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए लाई। उनके साथ पुलिस कर्मी भी थे। उस समय मेडिकल की ड्यूटी पर डॉ. केसी धाकड़ थे। इतनी संख्या में अभियुक्तों के आने से अव्यवस्था फैल गई। उधर, देरी होने पर अभियुक्त भी हंगामा करने लगे।
इस पर एसआईसी डा. एसके वर्मा को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इतने अभियुक्तों के मेडिकल की पूर्व में कोई सूचना नहीं दी थी। इससे दिक्कत का सामना करना पड़ा। मेडिकल की प्रक्रिया में देरी भी लगती है। इस पर डा. केसी धाकड़ के साथ ही डा. मोहित को टीम में लगाया गया। उन्होंने शाम छह बजे तक मेडिकल की प्रक्रिया पूरी की।