पुलिस की जीप आई और दो मिनट में कॉलोनी से चली गई। न आने का पता चला, न जाने का। भला ऐसी गश्त किस काम की। असर तो तब दिखा जब पुलिसवाले कॉलोनी में दो घंटे तक लेफ्ट-राइट करते रहे। फुट पेट्रोलिंग ही नहीं की, मनचलों की खबर भी ली। पैदल गश्त के ऐसे नतीजे देख अफसरों को भी लगा है कि डीजीपी जावीद अहमद का आइडिया काम कर गया है। शहर में फुट पेट्रोलिंग 15 दिन के लिए बढ़ा दी गई है।
डीजीपी ने 15 दिन का अभियान चार मार्च तक चलाने के लिए कहा था। इसके नतीजे अच्छे रहे तो इसे बढ़ाया गया है। फुट पुलिसिंग में हर थाना की पुलिस को रोजाना कम से कम दो घंटे पैदल गश्त करनी होती है। इसमें एसपी सिटी, सीओ, थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज भी शामिल होते हैं।
इनके साथ 15-20 पुलिसवाले पैदल चलते हैं, तो इसका असर पड़ता है। देखकर लोग चौंक जाते हैं। कई जगह तो पुलिस देखकर भाग रहे लोग पकड़े गए। इनमें से सात के पास तमंचे मिले। गलियों में घूमते 224 वांटेड आरोपी हाथ आ गए। लोगों की शिकायत पर कई जगह से अतिक्रमण भी हटाए गए।
400 मनचलों को चेतावनी दी
आगरा। फुट पेट्रोलिंग के दौरान शिकायतों के आधार पर गली-मोहल्लों और कॉलेज के बाहर घूमने वाले 400 मनचलों को चेतावनी दी गई है। वाहनों के 625 चालान किए गए हैं, 97 वाहन सीज किए गए हैं।
समस्या बताओ, गश्त कराओ
अगर आपकी कॉलोनी में मनचले या शरारती तत्व घूमते रहते हैं तो आप इसकी शिकायत संबंधित सीओ या एसपी सिटी से कर सकते हैं। आपकी कॉलोनी में भी फुट पेट्रोलिंग कराई जाएगी।
पुलिस आए, तो परेशानी बताएं
अगर आपकी कॉलोनी में पुलिस फुट पेट्रोलिंग करने आई है तो आपके पास मौका है अपनी समस्या बताने का। अगर आपके आस-पास कोई गलत काम हो रहा है तो आप पुलिस को बता सकते हैं।
डीजल की बचत, शरीर की कसरत
फुट पेट्रोलिंग के तीन बड़े फायदे सामने आए हैं। एक तो डीजल की बचत हो रही है। दूसरा, पुलिसकर्मियोें को पैदल चलने से अच्छी फिटनेस मिल रही है। तीसरा, पब्लिक से संवाद का मौका मिल रहा है।
फुट पेट्रोलिंग के नतीजे शानदार रहे हैं। इसलिए अभियान को 15 दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। - सुशील घुले ( एसपी सिटी )