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पंचशील आश्रय गृह में लोगों का हंगामा

Mon, 01 Feb 2016 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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ताजगंज के गांव लोहागढ़ स्थित पंचशील आश्रय गृह में रह रहे बच्चों को उनके घरवालों से नहीं मिलने दिया जा रहा है। रविवार सुबह परिवारीजनों ने वहां जमकर हंगामा किया। उन्होंने बच्चों को जबरन रखने का आरोप लगाया।
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बता दें, शहर में बाल श्रम रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और दिल्ली की संस्था अभियान चला रही है। पिछले दिनों फतेहपुर सीकरी और सदर क्षेत्र में तकरीबन 60 बच्चे बाल श्रम करते मिले थे। इन बच्चों को पंचशील आश्रय गृह में रखा गया है। इनके परिवार वालों का आरोप है कि उन्हें उनके बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा है। वे किस हाल मेें हैं, यह भी नहीं बताया गया है। अफसरों से कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रविवार को लोगों ने हंगामा किया। कर्मचारियों से भी अभद्रता कर दी। हालांकि बाद में कर्मचारियों ने उन्हें शांत किया। आश्रय गृह के डायरेक्टर डीडी मथुरिया ने बताया कि बच्चों को बाल कल्याण समिति के आदेश पर रखा गया है। उनका मेडिकल कराया जाना है। इस कारण बच्चों को परिवार के सुपुर्द नहीं किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। गृह में पहले से भी 65 बच्चे हैं। लोगों की भीड़ को देखते हुए भी उन्हें मिलने से रोका जा रहा है।
युवतियों को भी बच्चों के साथ ले गई टीम
फतेहपुर सीकरी। सीकरी में दरी के गोदाम से पकड़े गए बच्चों के साथ कलार गली निवासी भावना (17) पुत्री दिवंगत पप्पू भी शामिल थी। उसकी जन्मतिथि 15 सितंबर 1998 है। वह वहां काम कर रही अपनी मां को खाना देने गई थी। मोहल्ला गौरापाड़ा निवासी अनवर की पुत्री रेशमा (20) और निजाम की पुत्री रिजवाना (16) भी शामिल थीं। टीम इन्हें भी पकड़कर आगरा ले गई थी। परिवारीजनों ने जन्मतिथि के प्रमाण पत्र दिखाते हुए उन्हें छोड़ने की मांग की।
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