आगरा में आनलाइन डिलीवरी में बड़ी धोखाधड़ी पुलिस ने पकड़ी है। नामी कंपनी के एक हजार रुपये कीमत के पावर बैंक की जगह ग्राहकों को 50 रुपये कीमत का घटिया चार्जर भेजा जा रहा था। इसका वजन बढ़ाने के लिए इसमें मिट्टी भर दी जाती थी।
पुलिस का कहना है कि इस धोखाधड़ी की जानकारी होने केबावजूद कोरियर कंपनी ईकोम एक्स्प्रेस इनकी डिलीवरी कर रही थी। पुलिस ने कंपनी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से से मिट्टी भरे 38 चार्जर भी बरामद किए गए हैं। इस जालसाजी में दिल्ली की ओम कारपोरेशन भी शामिल बताई गई है।
एएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सैमसंग के पावर बैंक और पेन ड्राइव की ऑनलाइन डिलीवरी का ठेका ओम कारपोरेशन के पास है। आनलाइन बुकिंग का काम डब्लूडब्लूडब्लू जेनिन्यू डॉट कॉम नाम की कंपनी कर रही है। ईकोम एक्सप्रेस ने सामान के कोरियर का काम करती है।
ये है पूरा मामला
बताया गया है कि सात सितंबर को आगरा में द्वारिकापुरम बाईपास रोड के सुधीर भारद्वाज ने सैमसंग के पॉवर बैंक, पेन ड्राइव और कार्ड रीडर की आनलाइन बुकिंग की थी। ईकोम एक्सप्रेस का कर्मचारी डिलीवरी लेकर पहुंचा।
शक होने पर उससे पैकिंग खोलने के लिए कहा तो उसने पहले पैसे मांगे। पैसे देकर पैकिंग खोली गई तो उसमें सैमसंग का पॉवर बैंक निकला लेकिन इसे भी खोलकर देखा गया तो अंदर मिट्टी भरी थी।
पुलिस ने किया गिरफ्तार
सुधीर की सूचना पर ईकोम के कर्मचारी करण को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ केबाद एक और कर्मचारी राजू को पकडा़ गया। उधर, ईकोम एक्सप्रेस की लीगल हेड वर्णिका का कहना है कि कंपनी का काम सिर्फ कोरियर का है। कर्मचारी गलत फंसाए गए हैं। कोरियर कंपनी को सामान खोलकर देखने का अधिकार नहीं होता है। पुलिस को डिलीवरी करने वाली कंपनी पर कार्रवाई करनी चाहिए।
कोरियर कंपनी को थी जालसाजी की जानकारी
एएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि यह मामला धोखाधडी़ और जालसाजी की धाराओं में दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी करण, सादाबाद के बिसावर केगढ़ी ऊचा गढ़ उमराव का रहने वाला है। राजू सदर के मधुनगर की हस्तिनापुरी का है। वह खुद को मैनेजर बता रहा है। कंपनी का दफ्तर खंदारी पर है। इन लोगों को मालूम था कि आनलाइन डिलीवरी में धोखाधड़ी हो रही है। इसके बावजूद ये लोग अपनै पेसे कमाने में लगे रहे।