पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी और बेटी के अपमान के विरोध में आगरा-फीरोजाबाद हाईवे स्थित कुबेरपुर चौराहा पर बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिददीकी के काफिले पर पथराव और जूते-चप्पल फेंकने के सभी आठ आरोपियों को जमानत मिल गई। रविवार सुबह उनकी जेल से रिहा हो सकते हैं।
बता दें, बसपा महासचिव 29 जुलाई को पार्टी के सम्मेलन में आगरा आ रहे थे। कुबेरपुर पर क्षत्रिय महासभा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके काफिल पर हमला बोला। पथराव और जूते-चप्पल फेंके। इसमें नसीमुद्दीन समेत चार नेताओं की गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए थे। पुलिस ने उन्हें किसी तरह खदेड़ा था। पुलिसकर्मियों को भी चोट आई थीं।
पुलिस ने घटना के बाद क्षत्रिय महासभा के आठ नेताओं को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इनमें महासभा के जिलाध्यक्ष भंवर सिंह चौहान, हर ज्ञान सिंह, ओमप्रकाश धाकरे, डा. राकेश सिकरवार, संजय सिकरवार, विवेक, प्रदीप सिकरवार, समरवीर सिंह शामिल थे। कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद कई बार अंतरिम जमानत मिल गई। 18 अक्तूबर को अवर न्यायालय ने सभी की जमानत खारिज दी थी। इसके बाद जेल भेज दिया था।
शनिवार को जिला जज सरोज यादव ने आरोपियों की जमानत स्वीकार कर 50-50 हजार के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलकों पर रिहा करने के आदेश पारित किए हैं। क्षत्रिय नेताओं की पैरवी अधिवक्ता दिनेश सिकरवार, महताब सिंह, वीर बहादुर सिंह ने की। देर शाम उनकी रिहाई के लिए परवाना जेल पहुंचा। जेल अधिकारियों के मुताबिक, रिहाई रविवार सुबह तक होगी।