दयालबाग एजूकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) में शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या के आरोपी उदय स्वरूप को गुरुवार को फिर से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उस पर यह कार्रवाई सीबीआई की चार्जशीट के चलते हुई है। दरअसल, केंद्रीय जांच एजेंसी से पहले तफ्तीश करने वाली आगरा पुलिस ने उस पर दुराचार और साक्ष्य मिटाने की धाराएं नहीं लगाई थीं। सीबीआई की चार्जशीट में दोनों धाराएं बढ़ी हुई थी। इनमें उसे जमानत भी नहीं मिली थी।
दिल्ली निवासी रक्षपाल शर्मा की बेटी नेहा शर्मा की हत्या डीईआई की लैब में 15 मार्च 2013 को कटर से काटकर की गई थी। दयालबाग के बड़े अधिकारी के धेवते व बीएससी के छात्र उदय स्वरूप और लैब असिस्टेंट यशवीर सिंह संधू को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
दोनों को 22 अप्रैल 2013 को गिरफ्तार किया गया था। 13 फरवरी 2014 को जमानत पर रिहा हुए। पुलिस ने हत्या और रेप के प्रयास की धाराओें में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद जांच सीबीआई को चली गई। केंद्रीय जांच एजेंसी ने हत्या, दुराचार और साक्ष्य मिटाने की धारा में उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट की। संधू को क्लीन चिट दी।
नेहा के पिता रक्षपाल ने कोर्ट में याचना की थी कि उदय स्वरूप को दुराचार और साक्ष्य मिटाने की धारा में हिरासत में लिया जाए। एडीजे (नवम) अनमोल पाल ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उदय स्वरूप को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।