थाना मलपुरा और शमसाबाद के दुष्कर्म और अपहरण मामले में भी दरोगाओं ने लापरवाही की। पीड़ित परिवारीजनों की शिकायत पर डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने जांच की। इसमें मामला सही पाया गया। इस पर दरोगा राजीव कुमार और राजेश तोमर को सस्पेंड कर दिया गया।
मलपुरा क्षेत्र की 17 वर्षीय किशोरी को 20 मई को पड़ोस में रहने वाली सहेली घर बुलाकर ले गई थी। फिर नशीला पदार्थ खिलाकर किशोरी को बेहोश कर दिया। गाड़ी में दिल्ली ले गई, जहां कुछ युवकों ने दुष्कर्म किया। परिवारीजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने दिल्ली से किशोरी को बरामद किया। एक आरोपी भी गिरफ्तार कर लिया गया। मगर, पुलिस ने कुछ ही देर मेें उसे छोड़ भी दिया। आरोपी पक्ष पीड़ित परिवार को समझौते के लिए लगातार धमका रहा था। 22 जून को डीआइजी ने विवेचक एसआई राजीव कुमार को सस्पेंड कर दिया।
वहीं दूसरा मामला शमसाबाद का है। एक महीने पहले जगदीशपुरा क्षेत्र की किशोरी को शमसाबाद क्षेत्र का युवक बहला-फुसलाकर ले गया था। कुछ दिन बाद किशोरी बरामद हो गई। लेकिन परिवारीजनों की शिकायत पर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर कोर्ट में गुहार लगाई। तब मुकदमा दर्ज किया। दरोगा राजेश तोमर ने घटनास्थल जगदीशपुरा का बताकर जांच नहीं की। एक महीने से पीड़ित परिवार भटक रहा था।