नाला टेपिंग को फिर 100 करोड़ का प्रस्ताव
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यमुना नदी को स्वच्छ रखने के लिए बड़ी-बड़ी बातें होती हैं और करोड़ों के प्रोजेक्ट बन जाते हैं लेकिन नदी में गंदे नालों का गिरना बंद नहीं हुआ है। यमुना एक्शन प्लान के तहत आगरा में कई नालों को टेप किया गया है। एसटीपी बने और पंपिंग स्टेशन बनाए गए लेकिन नाले अभी गिर रहे हैं। एनजीटी ने फटकार लगाई तो अब जल निगम करीब 100 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाकर फिर तैयार हो गया है।
जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक मंटोला नाला पूरी तरह से टेप नहीं हुआ है। इसमें से करीब 55 एमएलडी पानी सीधे यमुना गिर रहा है। इस पानी को रोकने की व्यवस्था की जाएगी जिससे यह पानी एसटीपी में शोधित किया जा सके। यमुना के अपस्ट्रीम में दो नालों को टेप करने और पानी के शोधन के लिए बायो गेस डायजेस्टर बनाने की योजना है। शहर में संचालित पंपिंग स्टेशनों में पांच मोटर बदलने की जरूरत है। इसके साथ एक एसटीपी के निर्माण की योजना है। इस पर करीब 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जल निगम के अधिकारी शनिवार को नगर निगम में पहुंचे थे। नगर निगम के मुख्य अभियंता तरुण कुमार शर्मा के साथ काफी देर तक मंथन भी हुआ है।
जलकल और निगम करेगा संयुक्त सर्वे
निगम के मुख्य अभियंता तरुण कुमार शर्मा ने बताया कि नगर आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने जल निगम के प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है लेकिन किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले जलकल विभाग, जल निगम और नगर निगम की टीम का संयुक्त सर्वे होगा। दरअसल जल निगम तो प्लांट और नाले टेप कर एक तरफ खड़ा हो जाएगा लेकिन इसका संचालन अंतत: जलकल विभाग को करना है। जब तक जलकल और नगर निगम की टीम मौके पर जाकर स्थिति को स्पष्ट नहीं करेगी तब तक इस योजना पर काम नहीं होगा।