दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) की शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या के आरोपी उदय स्वरूप की गिरफ्तारी की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान उदय स्वरूप और पुलिस की चार्जशीट में आरोपी रहे उसके साथी यशवीर सिंह संधू कोर्ट में मौजूद रहे। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए छह मई की तारीख मुकर्रर की है।
नेहा शर्मा के पिता रक्षपाल शर्मा ने पिछली तारीख पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर उदय स्वरूप की गिरफ्तारी की याचना की थी। उनका कहना है कि पुलिस ने अपनी जांच के बाद उदय के खिलाफ हत्या और बलात्कार के प्रयास की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया था। इन धाराओं में उसे जमानत मिल चुकी है। इसके बाद सीबीआई ने अपनी जांच के बाद उसके खिलाफ हत्या, बलात्कार और साक्ष्य मिटाने की धारा में चार्जशीट दाखिल की है। उसे साक्ष्य मिटाने की धारा में जमानत नहीं है। इसलिए उसकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
उनकी तरफ से एडीजीसी रघुवीर सिंह राठौर, अधिवक्ता दुर्गविजय सिंह भैय्या, जयवीर सिंह ने कोर्ट से कहा कि उनका पक्ष रखा। उदय स्वरूप की गिरफ्तारी की मांग की गई। उधर, दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र कुमार और आगरा के अधिवक्ता अचल शर्मा ने आपत्त्ति की। उन्होंने कहा कि उदय स्वरूप को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। सीबीआई की ओर से बढ़ाई गई धारा 201 इतनी गंभीर नहीं है कि उसे कस्टडी में लिया जाए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अगली सुनवाई के लिए छह मई की तारीख मुकर्रर कर दी।
कैमरे देखकर भागा उदय स्वरूप
कोर्ट से बाहर आते समय मीडियाकर्मियों के कैमरे देख उदयस्वरूप तेजी से भागा। उसने अपना मुंह छुपा लिया। तेजी से गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गया।
परिवार के साथ पहुंचा यशवीर
आगरा। पुलिस की चार्जशीट में सह आरोपी रहा यशवीर सिंह संधू अपनी मां और बच्चों के साथ कोर्ट में पहुंचा। उसने कहा कि उसे पुलिस, संस्थान ने आरोपी बताया लेकिन सीबीआई ने क्लीन चिट दी है।