आश्रम में बाबा मुंशीदास के भाई की हत्या
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डौकी के चर्चित बाबा मुंशीदास की हत्या के तीन महीने बाद उनके बडे़ भाई नाहर सिंह की शुक्रवार रात को आश्रम की छत पर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी शनिवार दोपहर को हुई। छत पर उनकी लाश पड़ी मिली। उनके चेहरे, सिर और हाथों पर चोट के निशान हैं। परिवारीजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसको लेकर हंगामा भी किया। सूचना पर एसपीआरए नित्यानंद ने समझाबुझाकर उन्हें शांत किया।
डौकी के नरि गांव निवासी बाबा मुंशीदास की तीन महीने पहले आश्रम में हत्या कर दी गई थी। आश्रम में अब परिवार के लोग रहते हैं। उनके बडे़ भाई नाहर सिंह (65) पुत्र बारेलाल शुक्रवार रात तकरीबन 10 बजे आश्रम की छत पर सोने गए थे। परिवारीजनों ने बताया कि नाहर सिंह आश्रम की दूसरी मंजिल पर सीढ़ियों के ऊपर बने कमरे की छत पर सोते थे। वह तड़के पांच बजे जागकर खेतों पर चले जाते थे। सुबह 11 बजे के बाद ही लौटते थे। शनिवार को जब वह नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश की। वह नहीं मिले। गांव नरि स्थित उनके घर पर भी दिखवाया गया। दोपहर तकरीबन 12 बजे बाबा मुंशीदास के पुत्र राजकुमार की पत्नी श्यामवती उन्हें देखने के लिए छत पर गईं। पहली मंजिल की छत पर नाहर सिंह का शव पड़ा मिला। शव से थोड़ी दूरी पर खून पड़ा हुआ था। यह देखकर श्यामवती की चीख निकल गई। इसकी जानकारी पर परिवारीजन और ग्रामीण पहुंच गए। नाहर सिंह के मुंह से खून निकल रहा था। दोनों हाथों में चोटें थी। सूचना पर एसपीआरए पूर्वी नित्यानंद, सीओ अशोक कुमार सिंह, एसओ डौकी संजीव तोमर पहुंच गए। बाबा के परिजनों ने मौके पर एसएसपी और डीएम को बुलाने की मांग की। इसको लेकर हंगामा भी किया। एसपीआरए के समझाने के बाद उन्होंने शव को उठाने दिया। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
पहले ही जताया था हत्या का अंदेशा
बता दें, 26 फरवरी को बाबा मुंशीदास की हत्या आश्रम में गोली मारकर कर दी गई थी। इसमें पांच लोग नामजद किए गए थे। वह नरि गांव के ही थे। पांच आरोपी थाने आ गए थे। बाद में उनकी नामजदगी गलत पाई गई थी। दो लोग अशोक और राकेश निवासी गांव पूठा के नाम सामने आए थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बाबा मुंशीदास के परिजनों का आरोप है कि बाबा की हत्या में अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। उन्होंने पुलिस से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। मगर, पुलिस ने घटना को हल्के में लिया। कोई कार्रवाई नहीं की। राजकुमार ने बताया कि उसके ताऊ नाहर सिंह ने 10-12 दिन पहले उससे कहा था कि आश्रम में हाल ही में एक हत्या और हो सकती है। जिसकी सूचना डौकी थाना में भी दी थी। मगर, सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने अंतिम संस्कार न करने का एलान किया। इस पर पुलिस ने उन्हें समझाया। एसपीआरए का कहना है कि परिजनों के आरोपों की जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उधर, परिवारीजनों ने थाने में तहरीर नहीं दी है।
पुलिस हादसे की जता रही आशंका
नाहर सिंह के दो पुत्र हैं। एक कमल सिंह और दूसरा प्रीतम। इसके अलावा भतीजा राजकुमार भी आश्रम में रहता है। 10-12 अन्य लोग रहते हैं। हादसे की भी आशंका जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि रात को आंधी आई होगी। क्योंकि नाहर सिंह के हाथ की कलाई और माथे पर चोट लगी है। इससे संभावना है कि वह छत से गिर गए होंगे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही असली कारण स्पष्ट होगा।