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बांग्लादेशी मोहसिब भेज रहा ब्रज में नकली नोट 

Wed, 01 Mar 2017 01:19 AM IST
बांग्लादेशी मोहसिब भेज रहा ब्रज में नकली नोट 
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बांग्लादेशी मोहसिब भेज रहा ब्रज में नकली नोट  - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाली करेंसी की सप्लाई में पकड़े गए राकेश गोयल और मुबशरा से पुलिस को अहम जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि इस रैकेट का मास्टरमाइंड दिल्ली में रहने वाला बांग्लादेशी नागरिक मोहसिब है। दिल्ली के ही रोहिणी का आशीष उसका खास गुर्गा है। आशीष ने सप्लायरों की कई चेन बना रखी हैं। इनमें से एक चेन से राकेश और मुबशरा जुड़े थे। मुबशरा ने कुछ दिन पहले ही अपनी अलग चेन बनाई थी। उसने इस बारे में नहीं बताया लेकिन  उसके मोबाइल से चेन से जुड़े लोगों के नंबर मिल गए हैं।
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हरीपर्वत थाना पुलिस, आईबी, एटीएस और एलआईयू ने राकेश और मुबशरा से लंबी पूछताछ की। इसके बाद दोनों को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूछताछ के हवाले से पुलिस सूत्रों ने बताया कि मुबशरा का नाम ज्हानवी भी है। उसने दो महीने पहले ही जाली करेंसी सप्लायरों की चेन तैयार की है। इसमें छह युवतियां और आठ युवक शामिल हो चुके हैं।
सभी दिल्ली और एनसीआर के बताए गए हैं। यह लोग आगरा और आस पास नोट सप्लाई करते हैं। हालांकि  मुबशरा ने इनके बारे में उसने ज्यादा जानकारी नहीं दी। किसी का नाम तक नहीं बताया। उनके मोबाइल नंबर पुलिस ने उसके मोबाइल से हासिल किए हैं। उसने यह भी नहीं बताया कि कानपुर में जाली करेंसी किसे देने जा रही थी। उसका कहना था कि उससे पैसा लेने के लिए रेलवे स्टेशन पर एक युवक को आना था। उस युवक का मोबाइल नंबर उसने पुलिस को दे दिया है।
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उससे पूछताछ के बाद इतना साफ हो गया है कि पाकिस्तान से जाली करेंसी की खेप मोहसिब के पास आती है। वह आशीष जैसे कई सप्लायरों को देता है। वे सभी अपनी अपनी चेन में सप्लाई करते हैं। जो सप्लायर आठ दस लोगों को जोड़ लेता है, उसकी अपनी चेन बन जाती है। इसमें उसका फायदा एक लाख पर दस हजार का होता है। सिर्फ सप्लाई करने पांच फीसदी यानी एक लाख पर पांच हजार रुपये मिलते हैं। चेन बनाकर सप्लाई लेने पर एक लाख पर 15 हजार बचते हैं। 30 हजार के असली नोट में एक लाख की जाली करेंसी मिलती है। यह सप्लायर को 45 हजार असली में दी जाती है। बता दें,  पुलिस ने राकेश और मुबशरा को सोमवार को संजय प्लेस से गिरफ्तार किया था।

दोनों के घर भेजी गई पुलिस टीम
राकेश गोयल पानीपत के अशोक नगर के  पांच तहसील कैंप के किशन लाल का बेटा है। मुबशरा दिल्ली के कसाबपुरा के सदर नाला रोड की गली छोटी निवासी अय्यूब की बेटी है। अय्यूब की मृत्यु हो चुकी है। दोनों के घर पुलिस की एक -एक टीम भेजी गई है। उनके परिवारीजनों से भी पूछताछ की जाएगी।

रिमांड पर लिए जाएंगे आरोपी
एसपी सिटी सुशील कुमार घुले ने बताया कि राकेश और मुबशरा से पूछताछ में कई जानकारी नहीं मिल पाई है। दोनों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। तभी जाली करेंसी का पूरा नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

मोबाइल से खुलेंगे राज
राकेश और मुबशरा के पास दो-दो मोबाइल फोन मिले हैं। इनमें पांच सौ से ज्यादा लोगों के नंबर हैं। पुलिस सभी की आईडी निकलवा रही है। उनसे पूछा गया कि इनमें कौन-कौन लोग नकली नोट नेटवर्क से मिले हैं। उनके नंबरों की अलग से पड़ताल की जा रही है।

मालदा के रैकेट से जुड़ा है मोहसिब
अभी तक की पूछताछ के आधार पर पुलिस यह मानकर चल रही है कि जाली करेंसी पाकिस्तान से आई है। यह पहले पश्चिम बंगाल के मालदा पहुंचाई जाती है। वहां से दिल्ली लाई जाती है। इसके बाद इसे आगे सप्लाई किया जाता है।
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