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चुनाव में खपाई जा रही जाली करेंसी की खेप

Tue, 28 Feb 2017 12:51 AM IST
चुनाव में खपाई जा रही जाली करेंसी की खेप
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जाली करेंसी में पकड़ी गई मुबशरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नकली नोटों के नेटवर्क का खुलासा होने के साथ एक राज यह भी खुला है कि जाली करेंसी की बड़ी खेप विधानसभा चुनाव में खपाई जा रही हैं। गिरफ्तार किए गए राकेश और मुबशरा ने बताया कि उनके पास पिछले एक महीने से लगातार डिमांड आ रही थी। पहले दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के एजेंट ज्यादा कॉल करते थे लेकिन अब यूपी और पंजाब से लगातार डिमांड आ रही थी।
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पुलिस सूत्रों नेदोनों से हुई पूछताछ के हवाले से बताया कि चुनाव आते ही नकली नोटों की खपत तेजी से बढ़ी। नोटबंदी के दौरान धंधा बिल्कुल मंदा रहा था। लग रहा था कि अब जाली करेंसी नहीं चल पाएगी। नोटबंदी से पहले एक हजार का नकली नोट आसानी से चल जाता था लेकिन नोटबंदी के दौरान हजार और पांच सौ के नकली नोट चलन से पूरी तरह बंद हो गए। कोई हाथ लगाने तक को तैयार नहीं था।
नोटबंदी के बाद उनके पास मालदा से दो हजार और पांच सौ नए नोट की खेप आई लेकिन इसे चलाना आसान नहीं था। जाली करेंसी बनाई जरूर गई लेकिन इसमें सफाई नहीं थी। इसके चलते जोखिम था। तब पूरे रैकेट से सौ सौ के नोट की डिमांड आई। चुनाव आते ही डिमांड तेजी से बढ़ गई।
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पुलिस ने बताया कि मुबशरा कई जगह खुद सप्लाई लेकर गई। उससे किसी नेता ने मुलाकात नहीं की लेकिन पुराने सप्लायरों ने नए लोगों से जरूर मिलवाया। दूसरा चुनाव के दौरान ही डिमांड तेजी से बढ़ी। इसके चलते उसे लगता है कि नोट चुनाव में खपाए जा रहे थे। मुबशरा और राकेश से एटीएस, एलआईयू और आईबी की टीमें भी पूछताछ कर रही हैं।

पाकिस्तान में बैठे हैं गिरोह के आका
आगरा। मुबशरा और राकेश से पूछताछ में बड़े खुलासे हो सकते हैं। अभी तक यह जानकारी सामने आई है कि नकली नोट तीन तरफ से भारत आ रहे हैं। एक सीधे पाकिस्तान से। दूसरे पाकिस्तान से बांग्लादेश होते हुए। तीसरा, नेपाल से होकर। बांग्लादेश रूट से जाली करेंसी पहले पश्चिम बंगाल लाई जाती है। वहां से दिल्ली भेजी जाती है। नेपाल से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भेजी जाती है। वहां से बिहार और वेस्ट यूपी पहुंचाई जाती है। पाकिस्तान से सीधे आने वाले दो रूट हैं। एक रूट पाकिस्तान से दिल्ली तक है। दूसरा पाकिस्तान से वेस्ट यूपी। दूसरे रूट में जाली करेंसी उन लोगों के माध्यम से सप्लाई कराई जाती है जिनकी रिश्तेदारी पाकिस्तान में है। इस गिरोह के आका पाकिस्तान में बैठे हैं।

हुस्न के जाल में शिकार फंसाती है मुबशरा
आगरा। मुबशरा से पूछताछ के हवाले से पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह पहले कॉल गर्ल रैकेट के लिए काम करती थी। वहां नकली नोटों के सौदागरों से मिल गई। इसके बाद उसने अपने हुस्न के जाल में युवकों को फंसाना शुरू किया। जो उसके रंग रूप पर मर मिटता, उससे दोस्ती गांठ लेती। इसके बाद उसे रातों रात अमीर बनाने का सपना दिखाकर जाली करेंसी के रैकेट से जोड़ देती। राकेश भी इसी तरह फंसा था। वह शादीशुदा है। उसके दो बच्चे भी हैं लेकिन मुबशरा के रूपजाल में फंस गया। पहले दोस्ती की। और फिर उसके कहने पर नकली नोटों की सप्लाई करने लगा।
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