मासूम दिव्य का अपहर्ता मुबीन ने राजस्थान और एमपी के बीहड़ में ठिकाना बना रखा है। एक बार पकड़ बीहड़ में ले जाने के बाद फिरौती लेने के बाद ही छोड़ते हैं। बीहड़ के गांव में पुलिस भी उनकी लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाती है।
सीओ असीम चौधरी ने बताया कि शमसाबाद का हिस्ट्रीशीटर मुबीन मोहन डॉन के साथ भी रहा है। पकड़ को उसका साथी झांसी के बबीना का समीर ही लेकर जाता है। वह बिना हेड लाइट ऑन किए ही गाड़ी को भी 36 घंटे तक चलाने में एक्सपर्ट है। लाइट इसलिए बंद रखता है, ताकि पुलिस न पकड़ सके। बीहड़ के ऐसे गांव में ठिकाना बनाते हैं, जहां पर मोबाइल की लोकेशन भी नहीं मिल पाए। राजस्थान के धौलपुर में राजाखेड़ा थाना के बसई डांग और एमपी के मुरैना में अंबाह पोर्सा, भिंड के अटेर के बीहड़ में कई ठिकाने बना रखे हैं। यह इलाका यूपी की सीमा के पास है। अगर, एक प्रदेश की पुलिस दबिश देती है तो तुरंत दूसरे प्रदेश की सीमा में चले जाते हैं। समीर मुबीन का दाहिना हाथ है। फरार साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं।
नहीं लेकर चलता मोबाइल
पकड़ा गया समीर सर्विलांस का मास्टर है। वह पुलिस से बचने के लिए कभी भी अपने साथ मोबाइल लेकर नहीं चलता है। अपहृत के परिवारीजनों से फिरौती वसूलने के बाद वह मोबाइल का प्रयोग करता है। मोबाइल से बात करने के बाद मोबाइल टावर की जद से बाहर हो जाते हैं। उसका पिता भी डाक्टर के नाम से जाना जाता था। उसने 15 साल पहले पालीवाल पार्क से अपहरण किया था।
टारगेट ढूंढता है अज्जो
सीओ ने बताया कि टारगेट का ढूंढने की जिम्मेदारी गैंग ने अज्जो पहलवान को दे रखी थी। वहीं रेकी करता था। इसके बाद ही गैंग को बताता था।
अवैध संपत्ति होगी कुर्की
सीओ ने बताया कि आरोपियों की अवैध संपत्ति को कुर्क किया जाएगा। उन्होंने कहां पर संपत्ति खरीदी है। इसके बारे में पुलिस पता करने में लगी है। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।
आगरा के शमसाबाद के गोपालपुरा का हिस्ट्रीशीटर मुबीन, सैयदपाड़ा लोहामंडी का अज्जो पहलवान, शहीदनगर का इलाउल हक उर्फ बब्बू और बबीना ललितपुर रोड, झांसी का समीर गिरफ्तार किए गए हैं। उनके दो साथी भाग निकले। गिरफ्तार बदमाशों से अपहरण में इस्तेमाल बोलेरो, तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं। बदमाशों ने पूछताछ में बताया है कि वे दो करोड़ फिरौती वसूलना चाहते थे, लेकिन अभी फोन भी नहीं कर पाए थे।